पूता माता की असीस निमख ना बिसरो तुम को हर-हर सदा भजो जगदीश…

भास्कर न्यूज |लुधियाना गुरुद्वारा श्री सिंह सभा, ई-ब्लॉक बीआरएस नगर में आयोजित शुक्राना समागम में श्रद्धा, भक्ति और गुरबाणी का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर श्री दरबार साहिब, अमृतसर के हजूरी रागी भाई रविंदर सिंह जी ने मधुर और भावपूर्ण कीर्तन सेवा कर संगतों को आत्मिक आनंद प्रदान किया। समागम की शुरुआत वाहेगुरु सिमरन से हुई, जिसके बाद भाई साहिब ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बाणी पूता माता की असीस, निमख न बिसरो तुम को हर हर, तथा थिर घर बेसहो हर जन पियारे जैसे दिव्य शब्दों का गायन कर संगतों को प्रभु सिमरण और नाम-सेवा से जोड़ा। इस दौरान संगतों ने एक स्वर में गुरबाणी का रसपान किया और कीर्तन में सम्मिलित होकर माहौल को दिव्यता से भर दिया। समागम के पश्चात भाई रविंदर सिंह को गुरुद्वारा कमेटी की ओर से सिरोपा देकर सम्मानित किया गया।समागम के अंत में गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और सेवा में सहयोग किया।गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सत्यपाल सिंह गोल्डी ने जानकारी दी कि आगामी 27 मई को भाई जगजीत सिंह बबीहा (दिल्ली के प्रसिद्ध रागी) विशेष कीर्तन समागम में संगतों को निहाल करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पंचम पातशाह श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर एक विशेष कीर्तन समागम भी आयोजित किया जाएगा।इस अवसर पर गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य गुलबहार सिंह गुलु, गुरमीत सिंह और सुरिंदर सिंह किवी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।उन्होंने कहा,गुरबाणी केवल पढ़ने या सुनने की चीज नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का मार्ग है। जब हम वाहेगुरु का नाम सिमरते हैं, तभी सच्ची शांति प्राप्त होती है।

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