बिलासपुर के कौशलेंद्र राव (KR) लॉ कॉलेज के वार्षिकोत्सव व पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान NSUI नेताओं ने जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान पर छात्राओं के साथ अभद्रता कर मारपीट भी की। वहीं, डिप्टी सीएम के आने से पहले स्टेज पर चढ़कर हंगामा मचाते हुए कार्यक्रम बंद कराने की धमकी दी। छात्रों ने इस मामले की शिकायत एसपी से की है, जिसमें NSUI नेताओं पर कार्रवाई क्रने की मांग की गई है। छात्राओं ने बताया कि बीते सोमवार यानी 28 अप्रैल को कौशलेंद्र राव लॉ कॉलेज में सांस्कृतिक एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया था। इस दौरान NSUI के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह, लोकेश नायक, शुभम जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारी वहां पहुचे। उन्होंने मंच पर चढ़कर जमकर हंगामा मचाया गया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दे रही छात्राओं के साथ अभद्रता भी की। डिप्टी सीएम के आने से पहले छीन ली माइक
छात्रा नेहा तिवारी व अंजूलता साहू ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम अरुण साव पहुंचे थे। उनके आने से ठीक पहले NSUI के नेता मंच पर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने मंच संचालन में लगे छात्र-छात्राओं से अभद्रता करते हुए माइक छीनकर मारपीट करने की धमकी भी दी। छात्राओं ने बताया कि कार्यक्रम के बाद स्वास्थ्यगत और मौसम खराब होने के कारण वो दूसरे दिन शिकायत करने नहीं पहुंच सकीं। लेकिन, अब सभी छात्र-छात्राएं एकजुट होकर NSUI जिला अध्यक्ष सहित उसके साथियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। खुद का सम्मान नहीं होने पर आक्रोश, मचाया हंगामा
छात्रों ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मंच में शिक्षकों व अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान हो रहा था। कार्यक्रम के दौरान पीछे कुर्सी पर NSUI के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह व उसके साथी बैठे थे। जिला अध्यक्ष ने मंच संचालन कर रही छात्रा को एक पर्ची में अपना व लोकेश नायक, मोहित मिश्रा, शुभम जायसवाल, विपलव यादव, अमित कौशिक, धीरज वारे और नीलम सोनी का नाम लिखकर स्वागत के लिए बुलाने कहा। लेकिन, मंच संचालन करने वाले छात्र-छात्राओं ने ऐसा नहीं किया। जिसके कारण रंजीत ने मंच में चढ़कर हंगामा मचाने लगा। श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल प्रबंधन ने भी की थी शिकायत
पूर्व में भी एनएसयूआई जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह के खिलाफ तोरवा स्थित श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल प्रबंधन ने भी वसूली के मामले में शिकायत की थी। स्कूल प्रबंधन ने रंजीत सिंह पर घेराव कर स्कूल बंद कराने की धमकी और वसूली करने का मामला पुलिस को बताया था। लेकिन उस मामले में लिखित शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।


