प्रेम जब भक्ति में ढलता है, तो राधा-रानी कहलाता है

भास्कर न्यूज | लुधियाना बीआरएस नगर स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर में शनिवार रात आयोजित महा संकीर्तन में भक्ति और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिला। मंदिर प्रबंधक कमेटी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में भजन प्रवक्ता बाबा चित्र विचित्र ने जब अपने भजनों की अमृतवाणी से साधकों को श्रीराधा-कृष्ण की दिव्य लीलाओं का स्मरण कराया, तो पूरा मंदिर परिसर राधे राधे और जय श्री कृष्णा के जयघोष से गूंज उठा। रात 8 बजे शुरू हुए इस आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरा माहौल कृष्णमय हो गया। बाबा चित्र विचित्र ने गुरु वंदना और बरसाने वाली राधा रानी की जय के उद्घोष के साथ संकीर्तन की शुरुआत की। सतगुरु तेरे पे बलिहारी जाऊं, करुणामयी कृपामयी मेरी दयामयी राधे, लिख दी ये जिंदगी तेरे नाम, नाम मेरी राधा रानी का जिस-जिस ने गाया है, ओ बांके बिहारी जैसे एक से बढ़कर एक भजनों से उन्होंने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। बाबा चित्र विचित्र ने कहा कि वृंदावन ब्रज का हृदय है, जहां श्रीराधा-कृष्ण ने अपनी लीलाएं कीं। यहां बांसुरी की धुनों और प्रेम की दिव्यता ने हर कण को पवित्र किया है। उन्होंने यह भी बताया कि राधा रानी केवल प्रेम की प्रतिमूर्ति नहीं, बल्कि भक्ति की पराकाष्ठा हैं। उनका नाम लेने से ही मन शांत हो जाता है। कमेटी के प्रमुख हरकेश गुप्ता ने बताया महा संकीर्तन के आयोजन का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागृति लाना है। बाबा चित्र विचित्र जैसे संतों का आना इस शहर के लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में शहर के प्रमुख गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस मौके पर प्रहलाद जी, प्रिंस वालिया, बलविंदर अग्रवाल, परमजीत नरूला, जगदीश कथूरिया, मोदगिल, नीरज जैन, संजीव सचदेवा शेरू, जगदीश कल्हण, रविंद्र कौशिक समेत कई प्रतिष्ठित नागरिक मौजूद रहे। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए मंदिर कमेटी द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए थे। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और जल की विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजकों ने बताया कि आगामी महीनों में भी ऐसे धार्मिक आयोजन किए जाते रहेंगे।

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