भास्कर न्यूज | जामताड़ा जामताड़ा जिले के 1030 विद्यालय आज भी वज्रपात जैसी घातक प्राकृतिक आपदा से सुरक्षा के अभाव में संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में अब तक तड़ित चालक यंत्र (लाइटनिंग अरेस्टर) नहीं लगाए गए हैं, जिससे बरसात के मौसम में बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच भय का माहौल बना रहता है। इन स्कूलों में पढ़नेवाले 1.45 लाख बच्चों पर खतरे की आशंका है। बता दें िक जिले के लगभग 50% विद्यालयों में वर्ष 2009-10 में लगभग 21 करोड़ की लागत से तड़ित चालक यंत्र लगाए गए थे। एक-एक यंत्र की लागत लगभग 35,000 रुपए थी। जो वर्तमान समय में निष्क्रिय होकर खत्म हो गए हैं। कुछ की चोरी हो चुके हैं।हाल के दिनों में मौसम में लगातार असामान्य बदलाव देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय अचानक बादल छा जाना, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और वज्रपात की घटनाएं आम हो गई हैं। ऐसे में विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। जब अचानक मौसम बदलता है, तो स्कूल परिसरों में अफरा-तफरी मच जाती है। विशेषकर जिन विद्यालयों में बड़े-बड़े पेड़ हैं या जो दो या अधिक मंजिला भवनों में संचालित हो रहे हैं, वहां वज्रपात की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।


