फरीदकोट में जिला पुलिस ने किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धपुर के प्रांतीय अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल को सोमवार सुबह उनके घर में नजरबंद कर दिया है। यह कार्रवाई संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक द्वारा 6 मई मंगलवार को शंभु थाने के घेराव किए जाने की घोषणा के बाद की गई। सरकार की इस कार्रवाई पर किसान नेता डल्लेवाल ने सख्त एतराज जताया और लोगों को अपने हकों की लड़ाई के लिए एकजुट होने का आहवान किया। जानकारी के अनुसार शंभू और खनौरी बॉर्डर के किसानों के मोर्चे खत्म करवाए जाने की प्रक्रिया के दौरान किसानों की ट्रालियां समेत अन्य सामान चोरी किए जाने मामला सामने आया था। 6 मई को शंभू थाने के घेराव की घोषणा हालांकि इस संबंध में पुलिस ने केस भी दर्ज किया लेकिन अभी तक ज्यादातर किसानों को उनका सामान वापस नहीं मिला है। इसके खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक द्वारा 6 मई को शंभू थाने के घेराव की घोषणा की गई और इस कार्यक्रम से एक दिन पहले ही पुलिस ने किसान नेताओं की धरपकड़ शुरू कर दी है। इसके तहत ही फरीदकोट में एसपी मनविंदर बीर सिंह और डीएसपी त्रिलोचन सिंह की अगुआई में पुलिस की टीम ने जगजीत सिंह डल्लेवाल के घर पहुंच कर उन्हें घर में नजरबंद कर दिया। लोगों की आवाज को बंद करने की कोशिश इस मौके पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोगों की आवाज को बंद करने की कोशिशें की जा रही है और उन्हें अपना हक भी मांगने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि 6 मई को सिर्फ 1 दिन के लिए शंभू थाने के घेराव की घोषणा की थी और इससे घबराई राज्य सरकार ने किसानों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया है। उन्हें भी जिला पुलिस द्वारा नजरबंद किया जा गया है। किसान नेता ने समूह इंसाफ पसंद लोगों को सरकार की ऐसी कार्रवाई के खिलाफ एकजुट होने का आहवान किया।


