पंजाब के बरनाला में एक बड़ा प्रॉपर्टी फ्रॉड सामने आया है। चार लोगों ने मिलकर एक बुजुर्ग के नाम की फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाकर उनके प्लॉट बेच दिए। इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। नगर कौंसिल बरनाला के पार्षद सोनी जागल ने बताया कि संघेडा रोड स्थित शिव ओम वाटिका में उनके पिता बलविंदर सिंह के प्लॉट थे। आरोपी राकेश कुमार काका, दिनेश, उमेश (तीनों बरनाला निवासी) और रमन (पंचकूला निवासी) ने मिलकर उनके पिता की फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी रमन कुमार के नाम पर बनवाई। दो प्लॉट अपने नाम करवाए, एक बेचा इस फर्जी दस्तावेज के आधार पर रमन कुमार ने प्लॉट बेच दिए। इनमें से दो प्लॉट आरोपी दिनेश और उमेश ने अपने नाम करवा लिए। इन प्लॉट की वर्तमान बाजार कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए है। शिकायतकर्ता को करीब दो महीने पहले इस धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में जुटी पुलिस जांच में पाया गया कि तहसीलदार दफ्तर में रजिस्टर्ड बलविंदर सिंह के हस्ताक्षर, पावर ऑफ अटॉर्नी पर मौजूद हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते। अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज कर लिया है।


