हाईकोर्ट को निगम ने बताया… बदहाल सड़कों को बनाने के लिए मांगा गया है फंड, जवाब देने के लिए राज्य सरकार ने मांगा समय

झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को शहर की बदहाल सड़कों की मरम्मत की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में नगर निगम की ओर से शपथ पत्र दाखिल किया गया। निगम की ओर से बताया गया कि मधुकम रोड, लालजी हिरजी रोड, विष्णु टॉकीज लेन, माउंट मोटर रोड, बड़ा तालाब रोड निगम के अधीन हैं। संपर्क पथों की मरम्मत के लिए 25 सितंबर 2024 और 6 मार्च 2025 को नगर विकास विभाग को पत्र लिखकर फंड देने का आग्रह किया गया है। अदालत ने इस मामले पर सरकार से जवाब मांगा। इस पर राज्य सरकार की ओर से जवाब देने के लिए समय देने की मांग की गई। अदालत ने आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की है। मालूम हो कि अधिवक्ता शुभम कटारुका ने शहर की संपर्क सड़कों की मरम्मत की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि रांची की मुख्य सड़कों को छोड़कर सभी सहायक सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। बड़ा तालाब के चारों ओर की सड़क पर गड्ढे हैं। किशोरगंज चौक से लेक रोड, लालजी हिरजी रोड, कोकर रोड, गाड़ीखाना चौक से इरगू रोड, चूना भट्ठा होते हुए मधुकम रोड, इंद्रपुरी रोड, अपर बाजार, काली बाबू स्ट्रीट सहित अन्य सड़कों की स्थिति पूरी तरह खराब है। इन सड़कों पर एंबुलेंस को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। हिचकोले खाते हुए वाहन सवार सफर कर रहे हैं। मानसून के दौरान इन सड़कों पर काफी जल जमाव हो जाता है। ऐसे में इन सड़कों पर अक्सर दुर्घटना होती है। सड़क की मरम्मत होने के बाद लोगों को राहत मिलेगी। हाईकोर्ट ने जेएसएलपीएस के कर्मियों के मानदेय मामले में मांगा जवाब झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) में कार्यरत कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले की सुनवाई करने के बाद केन्द्र सरकार, राज्य सरकार आैर जेएसएलपीएस से जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी। इससे पहले सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार और अंकितेश कुमार झा की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य में करीब 700 कर्मचारियों की नियुक्ति पीआरपी और बीएपी के रूप में हुई थी। इन्हें कम मानदेय मिलता है और अन्य भत्ता नहीं दिया जा रहा है। बाहरी को जज बनाने की शिकायत पर पीएमओ गंभीर रांची | पीएमओ ने झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से भेजे गए पत्र पर संज्ञान लिया है। एसोसिएशन ने बाहरी को जज बनाने की अनुशंसा के खिलाफ सीजेआई, पीएमओ, कानून मंत्री को शिकायत पत्र लिखा था। इस पर संज्ञान लेते हुए पीएमओ ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिख कर मामले की जानकारी मांगी है। पत्र में कहा गया था कि किसी बाहरी व्यक्ति का नाम जज की नियुक्ति के लिए भेजा गया, जो सही नहीं है।

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