मैटेरियल की कमी से मनरेगा की 450 योजनाएं ठप

संजय गोस्वामी| बिंदापाथर फतेहपुर प्रखंड में मनरेगा के तहत चल रहे 450 से अधिक योजनाएं मटेरियल की कमी से अधूरी पड़ी है। पिछले 6 महीने से सरकार ने मटेरियल की राशि जारी नहीं की है। इस कारण वेंडरों ने मटेरियल की सप्लाई बंद कर दी है। प्रखंड के 15 पंचायतों में कुआं निर्माण, पशु शेड और सड़क निर्माण जैसे काम बीच में ही रुक गए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में प्रखंड में 300 कुओं और 150 से अधिक पशु शेड का निर्माण शुरू हुआ था। मजदूरों ने बाजार से उधार लेकर ईंट, बालू और सीमेंट जुटाए। 80 प्रतिशत काम पूरा भी कर लिया। लेकिन अब बाजार के लोगों ने भी 6-7 महीने से भुगतान नहीं मिलने पर मटेरियल देना बंद कर दिया है। इससे निर्माण पूरी तरह रुक गया है। बीडीओ प्रेम कुमार दास ने बताया कि 6-7 महीने से मटेरियल की राशि आवंटित नहीं हुई है। प्रखंड में 5 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है। बीपीओ टिंकू कुमार ने कहा कि प्रखंड में 300 से अधिक कुएं और 150 पशु शेड का निर्माण चल रहे हैं। मटेरियल की कमी से इनकी रफ्तार धीमी हो गई है। वेंडरों को राशि नहीं मिलने से मैटेरियल सप्लाई बंद डुमरिया पंचायत के मुखिया रांजीव हांसदा ने बताया कि उनकी पंचायत में 15 कुएं और 10 पशु शेड अधूरे हैं। वेंडरों को राशि नहीं मिलने से मटेरियल की सप्लाई बंद है। उन्होंने अपने परिचित से मजदूरों को उधार पर मटेरियल दिलवाया था। लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने से अब वह भी मटेरियल नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि जिले के सभी पंचायतों में यही स्थिति है। करोड़ों रुपए से अधिक की राशि बकाया है।

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