पीएम कुसुम योजना के नाम पर किसानों से धोखाधड़ी:ज्रेडा ने फर्जी वेबसाइट से किया सावधान, किसी भी तरह का भुगतान न करने का निर्देश

प्रधानमंत्री कुसुम योजना के नाम पर पूरे झारखंड में साइबर ठग किसानों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस धोखाधड़ी से बचने के लिए ज्रेडा ने किसानों से फर्जी वेबसाइट से सावधानी बरतने की अपील की है। ज्रेडा की ओर से कहा गया है कि कई फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन आवेदकों से प्रधानमंत्री किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (प्रधानमंत्री कुसुम योजना) के नाम पर किसानों से सोलर पंप लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के नाम पर पंजीकरण शुल्क लेकर धोखाधड़ी की जा रही है। इसके साथ ही जो किसान इन फर्जी वेबसाइट पर सोलर पंप के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। उन्हें ऑनलाइन भुगतान करने को कहा जा रहा है। जैसे ही किसान ऑनलाइन भुगतान कर रहे हैं, साइबर अपराधी पैसे लेकर फरार हो जा रहे हैं। बता दें कि ऊर्जा विभाग की ओर से इस योजना को ज्रेडा क्रियान्वित कर रहा है। अनुदानित दर पर किसानों को सोलर पंपसेट के लिए पांच हजार रुपए प्रति सोलर पंप, सात हजार, 10 हजार लाभुक अंशदान देने का प्रावधान है। अलग-अलग अनुदान अलग-अलग क्षमता के पंपसेट के आधार पर है। आवेदन समेत बैंक ड्राफ्ट की राशि किसानों को जिला प्रशासन द्वारा जारी की जाती है। किसानों की सूची ज्रेडा को जारी होती है। इसके बाद ज्रेडा चयनित एजेंसी के माध्यम से सोलर पंपसेट लगाता है। ज्रेडा कर चुका है इन नंबरों को ब्लैक लिस्टेड : ज्रेडा ने साइबर ठगों के कुछ नंबरों की जानकारी डोरंडा थाने में पूर्व में दर्ज कराई है। ज्रेडा ने जिन नंबरों को ब्लॉक कराया है उनमें कुछ नंबर शामिल है, जो 8158988394, 8597855858, 7584969373, 9729261669, 7634895405, 9973564366, 8002613302, 9631013803, 9315533907, 8757501940, 8276011713, 8002613302 है। ज्रेडा की ओर से किसानों से अपील की गई है कि इन नंबरों से कॉल आने पर पूरी तरह सतर्क रहे। इन वेबसाइटों के प्रति किया गया है सावधान जिन फर्जी वेबसाइट से सावधान किया गया है उनमें http://www.kusumyojnaonline.in.net, http://www.pmkisankusumyojna.co.in, http://www.onlinekusumyojna.org.in, http://www.pmkisankusumyojana.co शामिल हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि इन वेबसाइट पर वे न जाए और न ही कोई भुगतान करें। किसानों को कहा गया है कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना को राज्य सरकार के विभागों द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। इसलिए वे विभाग से ही संपर्क करे।

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