रांची के सब्जी बाजारों व भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाएं तो सावधानी बरतें। इन दिनों सब्जी बाजार से मोबाइल चोरी की घटना बढ़ गई है। मोबाइल चोरी होने के बाद उसका तुरंत इस्तेमाल कर साइबर अपराधी मोबाइल धारक का बैंक एकाउंट ही साफ कर दे रहे हैं। मोबाइल चोरी होने का नुकसान तो हो ही रहा है, खाते से पैसे निकलने के बाद परेशानी और बढ़ जा रही है। जिन बाजारों से सबसे अधिक मोबाइल चोरी की घटनाएं हो रही हैं, उनमें शालीमार बाजार, शहीद मार्केट, नामकुम बाजार शामिल हैं। मोबाइल चोरी होने के बाद यह पता भी नहीं चल पा रहा है कि किसने चुराया। पहले मोबाइल की चोरी होती थी, लेकिन उसका इस्तेमाल कर खाते से पैसे नहीं निकालते थे। लेकिन जिस तरह लोग अपने मोबाइल में, यूपीआई का इस्तेमाल करने के लिए सारा डिटेल्स रख रहे हैं, उसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। मोबाइल चोर और साइबर अपराधियों की मिलीभगत से ऐसा किया जा रहा है। मोबाइल में कभी भी खाते का पासवर्ड नहीं रखें शहीद मार्केट से चोरी मोबाइल से खाते से उड़ाए 1.56 लाख जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में लगने वाले शहीद मार्केट में सब्जी खरीदने के दौरान सेक्टर थ्री निवासी बी. प्रभाकर राव का मोबाइल चोरी कर लिया गया। चोरी होने के कुछ ही देर बाद उनके खात से 1.56 लाख रुपए निकल गए। उनके खाते से 17 व 18 दिसंबर को दो बार में कुल रुपए निकाले गए। इस मामले में प्रभाकर राव ने जगन्नाथपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। नामकुम बाजार से चोरी किया मोबाइल, खाते से निकाल लिए 4.20 लाख चाय बागान के रहने वाले 60 वर्षीय विजय प्रताप नामकुम बाजार गए हुए थे। बाजार से उनका मोबाइल चोरी हो गया। उनके दो एकाउंट से कुल 4.20 लाख रुपए निकाल लिए गए। उनका पूरा एकाउंट खाली कर दिया गया। विजय प्रताप ने जब अपने खाते का स्टेटमेंट लिया तो इसकी जानकारी मिली कि खाते में एक रुपया भी नहीं है। इसके बाद विजय प्रताप सिंह ने 1930 पोर्टल व साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। शालीमार बाजार से चोरी मोबाइल से 1.10 लाख निकाले धुर्वा डीटी टंकी साइड के रहने वाले हृदयानंद शर्मा का मोबाइल शालीमार बाजार से चोरी हो गया। मोबाइल चोरी होने के बाद उनके खाते से एक लाख 10 हजार रुपए की निकासी कर ली गई। इस मामले में धुर्वा थाना में हृदयानंद शर्मा ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उनका मोबाइल सब्जी खरीदने के दौरान चोरी हुआ था। 2. पार्सल में पता बदलने की बात कह अपराधियों ने 1.28 लाख रु. ठगे पार्सल में पता परिवर्तन कराने के नाम पर साइबर अपराधियों ने 1.28 लाख रुपए की ठगी कर ली। इस संबंध में डोरंडा के लाइन अशोक नगर निवासी सुनील प्रसाद सिन्हा ने नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया है कि उनके बेटे अंकुश राज को एक मोबाइल नंबर से कॉल आया। उसने कहा कि आप अपने पार्सल का पता बदलना चाहते हैं। इसके लिए आप इंडियन पोस्ट के लिंक पर 25 रुपए जमा करा दें। उन्हें एक लिंक indicpostr.com भेजा गया। उक्त लिंक पर नया पता डालने के बाद पे करने के लिए ओटीपी आया। ओटीपी डालते ही उनके क्रेडिट कार्ड से 1,28,171 रुपए कट गए। 1. 800 रु. गलती से ट्रांसफर हो गए हैं कहकर 3.91 लाख खाते से उड़ाए साइबर अपराधियों की ठगी का तरीका लगातार बदलता जा रहा है। 800 रुपए खाते में गलती से ट्रांसफर हो गए हैं, यह कह कोकर खोरहाटोली की रहने वाली 53 वर्षीय मेरी अल्मा रूंडा के खाते से 3.91 लाख रुपए निकाल लिए। मेरी अल्मा ने साइबर क्राइम पोर्टल पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसमें बताया है कि उन्हें एक मोबाइल नंबर से कॉल आया। उसने फोन पे से पैसा गलती से डालने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह फोन पे चलाती ही नहीं है तो कैसे पैसे आ सकते हैं। इतना कह कॉल काट दिया। रात 10 बजे मेरी अल्मा के मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके खाते से 3.91 लाख रुपए निकल गए हैं। 3. केवाईसी की जानकारी ली, 2.09 लाख खाते से निकाल लिया सौरभ कुमार, पूर्व टेक्निकल ऑफिसर व साइबर एक्सपर्ट एक्सपर्ट व्यू धुर्वा स्थित शालीमार बाजार, शहीद मार्केट और नामकुम बाजार से सबसे अधिक चोरी केवाईसी की जानकारी लेकर 2.09 लाख रुपए की निकासी खाते से कर ली गई। इस मामले में नामकुम के रहने वाले 55 वर्षीय अनिल कुमार दास ने अवैध निकासी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसके अनुसार उन्हें एक मोबाइल नंबर से काल आया। कॉल करने वाले ने अनिल कुमार दास से केवाईसी के बारे में जानकारी ली। उसके कुछ ही देर बाद उनके खाते से 5 बार में 2.09 लाख रुपए की निकासी कर ली गई। इन 3 मामलों से समझिए… साइबर ठगों ने नए तरीकों से की ठगी 2 केस 3 केस 1 केस


