सेवा में लगे शरीर का पसीना भी अमृत बन जाता है: सुनील मुनि

लुधियाना | जैन स्थानक, नूरवाला में संघशास्ता शासन प्र‌भावक गुरुदेव सुदर्शन लालजी महाराज के सुशिष्य एवं संघ संचालक गुरुदेव नरेशचंद्रजी म. के आज्ञानुवर्ती कविरत्न गुरुदेव सुनील मुनि जी महाराज, वीरेन्द्र मुनि जी महाराज एवं अहम मुनि जी महाराज का प्रवचन आयोजित हुआ। सुनील मुनि जी महाराज ने कहा कि शरीर एक वरदान है, यदि इसे योग साधना और सेवा में लगा दिया जाए। वहीं, शरीर एक अभिशाप बन जाता है, जब यह हिंसा, वासना और नशे का गुलाम हो जाए। उन्होंने कहा कि जीओ तो राम बनकर जीओ या राम के बनकर जीओ। सेवा को जीवन का अंग बनाने का संदेश देते हुए कहा कि सेवाभावी के तन का पसीना भी अमृत बन जाता है। प्रवचन सभा में एसएस जैन महासभा पंजाब उत्तरी भारत के प्रधान प्रफुल्ल जैन, महामंत्री अनिल जैन सहित विभिन्न जैन सभाओं के पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। महिला मंडल की प्रधान विनोद जैन, उप प्रधान नीतू जैन, महामंत्री साक्षी जैन, अंजू जैन, रुपाली जैन भी विशेष रूप से शामिल हुईं।

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