झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की पहली और दूसरी परीक्षा में हुई अनियमितता की सीबीआई जांच को लेकर दाखिल जनहित याचिका को निष्पादित कर दिया। सीबीआई ने हाईकोर्ट को बताया कि जेपीएससी प्रथम और द्वितीय परीक्षा में गड़बड़ी की जांच पूरी हो चुकी है। विशेष अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। याचिकाकर्ता बुद्धदेव उरांव की ओर से भी अदालत को बताया गया कि याचिका में जो मांग की गई थी, वह पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने पिछली सुनवाई में ही जेपीएससी प्रथम परीक्षा मामले में पूर्व अध्यक्ष डॉ. दिलीप प्रसाद, वरीय सदस्य गोपाल प्रसाद, राधा गोविंद नागेश, शांति देवी, परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी सिंह समेत कुल 37 लोगों को आरोपी बनाए जाने की जानकारी दी थी। इनके अलावा प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारी आरोपितों की सूची में शामिल गए थे। वहीं, जेपीएससी द्वितीय परीक्षा के मामले में 70 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दायर की है, जिनमें डॉ. दिलीप प्रसाद प्रमुख रूप से शामिल हैं। बताते चलें कि यह मामला वर्ष 2012 से झारखंड हाईकोर्ट की निगरानी में रहा है। प्रारंभ में इसकी जांच राज्य के निगरानी ब्यूरो द्वारा की जा रही थी, लेकिन सार्वजनिक विश्वास और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंप दी थी।


