राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक गुरुवार को होगी। बैठक में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की नई उत्पाद नीति पर मुहर लग सकती है। साथ ही, सरकारी कर्मियों को दो फीसदी का महंगाई भत्ता का लाभ मिल सकता है। राज्य सरकार दो फीसदी डीए की वृद्धि पर मुहर लगा सकती है। नई उत्पाद नीति के तहत शराब की दुकानों को एक बार फिर से निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। उत्पाद विभाग के करीब 1453 दुकानें हैं। इनमें 280 देसी, 640 कंपोजिट आैर 531 िवदेशी दुकाने हैं। कंपोजिट दुकानों में तीनों तरह की शराब की बिक्री की जाती है। अब तक खुदरा शराब की दुकानें राज्य सरकार ही चला रही हैं। मानव प्रदाता एजेंसी के माध्यम से दुकानें चलाई जा रही हैं। कैबिनेट में नई उत्पाद नीति पर मुहर लगने के बाद सरकार इसे एक जून से लागू करने का प्रयास करेगी। नई उत्पाद नीति में कई तरह के परिवर्तन प्रस्तावित हैं। इनमें दुकानों में शराब बिक्री का समय बढ़ाने और राज्य में सीमित संख्या में ही एक समूह, एक व्यक्ति या एक एजेंसी को शराब की दुकान देने का उल्लेख है। इधर, राज्यकर्मियों को जनवरी से दो फीसदी डीए (महंगाई भत्ता ) देने के फैसले से राज्य के दो लाख सरकारी कर्मियों आैर करीब 50 लाख पेंशनर को लाभ मिल सकेगा। अभी सरकार 53 फीसदी महंगाई भत्ता दे रही है, जो 55 फीसदी हो जाएगा। केद्र सरकार ने अप्रैल में ही केंद्रीय कर्मियों के लिए महंगाई भत्ता में दो फीसदी वृद्धि कर दी थी।


