हजारीबाग | महिला सुरक्षा और सम्मान को समर्पित “जागते रहो भारत यात्रा” भारत यात्रा पर निकले समाज सेवियों के दल का स्वागत नवभारत जागृति केंद्र अमृत नगर में किया गया। महिला दिवस पर 8 मार्च को माउंट आबू राजस्थान से भारत यात्रा की शुरुआत हुई है। इसका समापन 7 जून को दिल्ली में होना है। 100 दिन की यात्रा 20 राज्यों से गुजरेगी। नवभारत जागृति केंद्र में लोक समिति के सतीश गिरिजा ने यात्रियों के दल को माला पहनकर स्वागत किया। उन्हें एनबीजेके के स्तर से महिला उत्थान और महिला सुरक्षा के लिए किया जा रहे कार्यों से परीक्षित कराया। यात्रा के समन्वयक हरियाणा निवासी राजेंद्र यादव ने बताया कि पूरी तरह जन सहयोग से संचालित यात्रा में हम महिलाओं के दल, स्कूल कॉलेज में लोगों से मिलते हैं। देश में महिलाओं की स्थिति से परिचित कराते हुए उन्हें अपने इतिहास की याद दिलाते हैं। महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाना और उन्हें सुरक्षा देने लिए लोगों को जागरूक करना यात्रा का उद्देश्य है। राजेंद्र यादव ने देश की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि भारतीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार एक दिन में औसतन 90 दुष्कर्म होता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि नाबालिक बच्ची के 100 के साथ दुष्कर्म हुआ था, उसे मामले में कोर्ट ने आरोपी को यह कहते हुए सजा नहीं सुनाया कि ऐसे अपराध के लिए सजा का कोई प्रावधान नहीं है। अब जरूरत आन पड़ी है कि पुराने पड़ चुके कानून में बदलाव किया जाए। उन्होंने कहा कि जघन्य दुष्कर्म की घटनाओं को जल्दी भूल जाना भी सामूहिक घिनौनी बीमारी है। यात्रा में शामिल गुजरात की 75 वर्षीया जम्मूबेन ने भारतीय शांति और मानवीय शांति की क्रांति संबंधी शीर्षक से एक गीत गाकर लोगों को अभिभूत कर दिया। यात्रा के बिहार प्रभारी और गांधीवादी कार्यकर्ता शत्रुघ्न झा ने महिला शक्ति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेदों में 200 से ज्यादा महिला ऋषियों का उल्लेख है। लेकिन काल के प्रवाह में सामाजिक रूढ़ियाँ बढ़ीं और आज तो अपनी इज्जत-आबरू बचाने के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है। एनबीजेके में वरीय कार्यक्रम प्रबंधक राजीव सिंह ने मंच संचालन किया। जबकि यात्रा की झारखंड संयोजिका गीता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। यात्रा दल गुरुवार को हजारीबाग से गया के लिए प्रस्थान करेगी।


