दो दिन पहले जयपुर में हुए हादसे में टैंकर में आग लगने से बड़ी घटना होकर ही चुकी है। शनिवार को भरतपुर की व्यस्ततम सरकूलर रोड पर नई मंडी श्मशान के सामने 2 फीट ऊंचे बनाए स्पीड ब्रेकर से एक कंटेनर का डीजल टैंक टकराने से फट गया। जिससे कंटेनर के दाे टैंकाें में भरा करीब 200 लीटर डीजल सड़क पर फैल गया और उस पर होकर सैकड़ों वाहन निरंतर निकलते रहे, यदि तेल में चिंगारी लग जाती तो कई वाहन आग की चपेट में भी आ सकते थे। ये एक मात्र स्पीड ब्रेकर नहीं है, इसके अलावा भी शहर में सरकूलर रोड, कलेक्ट्रेट के सामने वाली रोड, गोपालगढ़ मोहल्ला से सूरजपोलगेट रोड, हीरादास से सेवर रोड आदि जगह करीब एक दर्जन से ज्यादा खतरनाक स्पीड ब्रेकर हैं, जो बिना परमिशन व बिना गाइड लाइन के बना दिए हैं। कई बार दुपहिया वाहन से सवारियों के उछलकर गिरने की घटनाएं भी होती हैं। घटना रविवार सुबह करीब 8.30 बजे की है। रीको इंडस्ट्रियल एरिया से प्रवीण बंसल की टिन बॉक्स फैक्ट्री मंगलम से 3500 टिन के पीपे लोड कर मुरैना (मध्यप्रदेश) के लिए रवाना हुआ था। नई मंडी श्मशान के सामने बनाए 2 फुट ऊंचे स्पीड ब्रेकर से कंटेनर के डीजल टैंक टकरा गया। टैंक 360 लीटर का था, जिसमें करीब 200 लीटर डीजल भरा था, जिसमें से काफी डीजल सड़क पर फैल गया। जिस पर होकर कई वाहन दौड़ते रहे, लेकिन बड़ा हादसा टल गया। चालक जघीना निवासी राजकुमार कंटेनर को लेकर रीको रोड होकर गांव भवनपुरा ले जाकर खड़ा कर दिया। इस बीच कई किलोमीटर तक डीजल फैलता ही गया। चालक ने दिखाई बहादुरी, टैंकर को रिहायशी इलाके से दूर भवनपुरा ले गया “नई मंडी श्मशान के सामने सीएफसीडी निर्माण के लिए पानी के डायवर्सन की जरूरत होने पर दूसरी ओर आरएनएफसीडी में पाइप डाले गए हैं। यहां इतने ऊंचे स्पीड ब्रेकर बनाने की परमिशन तो नहीं दी थी, लेकिन अब इसको सुधरवाने के लिए निर्देश दे दिए हैं। इसके अलावा पूरे शहर में अन्य ऊंचे स्पीड ब्रेकरों को दिखवाया जाएगा।” -बहादुर सिंह, एक्सईएन, नगर निगम ये हैं स्पीड ब्रेकर बनाने के नियम


