पहाड़ी कोरवा आत्महत्या केस, क्रशर संचालकों, सहयोगियों पर कसा शिकंजा:आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का जुर्म दर्ज, पहले धोखाधड़ी की FIR हुई है दर्ज

बलरामपुर जिले के ग्राम भेस्की में भू-माफिया और क्रशर संचालक की प्रताड़ना से तंग आकर पहाड़ी कोरवा वृद्ध द्वारा आत्महत्या कर लेने के मामले में राजपुर पुलिस ने एक और एफआईआर दर्ज की है। क्रशर संचालक एवं साथियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया है। क्रशर संचालकों ने मृत पहाड़ी कोरवा की पत्नी के नाम पर संयुक्त खाते की भूमि को धोखे से दूसरे के नाम रजिस्ट्री करा दी थी। मामले में पहले धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज किया गया था। जानकारी के मुताबिक, 22 अप्रैल को भेस्की निवासी भइरा कोरवा (65) ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। भइरा कोरवा को क्रशर संचालक विनोद अग्रवाल उर्फ मघु, प्रवीण अग्रवाल एवं साथियों के द्वारा जमीन खाली करने के लिए लगातार धमकी दी जा रही थी और मारने-पीटने की धमकी दी जा रही थी। भइरा कोरवा पर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री को लेकर की गई शिकायत वापस लेने का भी दबाव बनाया जा रहा था। यह था मामला
नवंबर 2024 में विनोद अग्रवाल तथा प्रवीण अग्रवाल के द्वारा छल पूर्वक भेस्की निवासी भइरा कोरवा (65) की पत्नी जुबारो बाई के नाम पर दर्ज संयुक्त खाते की करीब 6 एकड़ जमीन को छल पूर्वक तहसील कार्यालय राजपुर ले जाकर शिवाराम नगेसिया निवासी ग्राम नवकी थाना राजपुर के नाम से रजिस्ट्री करा दी गई थी। रजिस्ट्री की रकम का चेक विनोद अग्रवाल के द्वारा दिया गया था। विनोद अग्रवाल एवं प्रवीण अग्रवाल का भेस्की में क्रशर प्लांट संचालित है। उक्त क्रशर प्लांट से लगा हुआ पहाड़ी कोरवा परिवारों की जमीन है। जिस जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी, उसमें जुबारो बाई के अलावे अन्य संयुक्त खातेदार भी थे। मामले की शिकायत जुबारो बाई के पुत्र संतराम एवं अन्य खातेदारों ने राजपुर थाना, बलरामपुर एसपी कार्यालय सहित बलरामपुर कलेक्टर से भी की। क्रशर संचालकों को राजनैतिक संरक्षण के कारण मामले में पुलिस या प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया। वहीं विनोद अग्रवाल एवं प्रवीण अग्रवाल के साथ उनके साथी पहाड़ी कोरवा परिवार के सदस्यों को लगातार दबाव डालकर प्रताड़ित कर रहे थे। आंदोलन के बाद पुलिस ने दर्ज किया अपराध
भइरा कोरवा द्वारा आत्महत्या करने के बाद सर्व आदिवासी समाज ने बरियों में आंदोलन कर दिया। दबाव में प्रशासन एवं पुलिस ने मामले की जांच की और विनोद अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, महेन्द्र गुप्ता, उदय शर्मा, पटवारी राहुल सिंह, रजिस्ट्रार यशवंत कुमार व शिवाराम के खिलाफ धारा 3(5), 318(4), 336(3), 338, 340(2) के तहत अपराध दर्ज किया था। मामले में सरगुजा कमिश्नर ने तहसीलदार और रजिस्ट्रार यशवंत कुमार को सस्पेंड करते हुए रजिस्ट्री को शून्य घोषित कर दिया है। पुलिस ने दर्ज की एक और FIR
भइरा कोरवा के आत्महत्या मामले में जांच के बाद राजपुर पुलिस ने विनोद अग्रवाल ऊर्फ मघु, प्रवीण अग्रवाल व उसके सहयोगियों सुदामा, राजू, राजेन्द्र, पिन्टू, दिलीप तिग्गा के खिलाफ धारा108, 3(5) भादवि का अपराध दर्ज किया है। दोनों मामले में पुलिस ने अब तक चार सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। विनोद अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल सहित रजिस्ट्रार यशवंत कुमार व अन्य अब भी फरार बताए गए हैं। क्रशर संचालकों के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें
क्रशर संचालक विनोद अग्रवाल एवं प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ इसके पूर्व भी जमीनों की धोखाधड़ी कर रजिस्ट्री की कई शिकायतें लंबित हैं। क्रशर प्लांट में वर्ष 2020 में एक आदिवासी युवक को डालकर हत्या करने का आरोप भी लगा था। मामले में धारा 309 का अपराध दर्ज किया गया था। इसके अलावे 14 अपराधिक मामले भी दर्ज हैं। उसके खिलाफ जिला बदर का मामला भी पेश किया गया था। आरोप है कि विनोद अग्रवाल एवं उसके भाई प्रवीण अग्रवाल को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण उनपर कार्रवाइयां नहीं हुई।

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