भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध के हालात हैं। जंग में हम सभी भारतीय देश के किसी भी तरह काम आने को पूरी तरह तैयार हैं। देश को अगर खून की जरूरत पड़ी, तो हम रक्त का अंबार लगा देंगे। रांची के प्रमुख रक्तदाता संगठन देश की सेवा में तत्पर हैं। इन संगठनों ने घोषणा की है कि किसी भी आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता होने पर वे तुरंत रक्तदान शिविर आयोजित करेंगे और रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। यहीं नहीं, जबतक ये हालात शांत नही होंगे जिले में लगने वाले सभी रक्तदान सेना के नाम समर्पित होगी। सेना के नाम रक्तदान स्लोगन के साथ रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। दैनिक भास्कर ने राजधानी में रक्तदान के लिए समर्पित 4 संस्था के संस्थापकों से बात की। उन्होंने कहा कि देश को जरूरत होगी तो जान भी देने में पीछे नही हटेंगे। जहां तक खून की बात है, अगर जरूरत पड़ी तो खून का अंबार लगा देंगे। रक्त सिर्फ जीवन नहीं बचाता, यह देशप्रेम की निशानी भी बन सकता है। हम बॉर्डर पर भले न हों, लेकिन हमारी नसों में वही जज्बा दौड़ता है। हमारी टीम ने अभी से युद्धकालीन ब्लड सपोर्ट प्लान तैयार कर लिया है। अगर खून की जरूरत पड़ी तो हम न केवल ब्लड डोनेट करेंगे, बल्कि जरूरत पड़ी तो कैंप लगाकर देशभर में जागरूकता भी फैलाएंगे। -अनुपम मिश्रा, संस्थापक, ब्लड हीरोज हमारी टीम पहले से ही युद्ध जैसे हालात में ब्लड स्टॉक और वॉलंटियर्स की लिस्ट अपडेट कर रही है। हम चाहें तो एक दिन में 500 यूनिट से ज्यादा रक्त जुटा सकते हैं। जरूरत पड़ी तो ‘सेना के नाम रक्तदान’ अभियान भी शुरू करेंगे। जवानों के लिए हम खून की आखिरी बूंद भी देने को तैयार हैं। -डॉ. अभिषेक रंजन, उपाध्यक्ष, जीवनदान हमने पहले भी कई बार आपातकालीन रक्त संकट में अहम भूमिका निभाई है। देश को अगर खून की जरूरत पड़ेगी, तो हम पूरी ताकत से खड़े हैं। हमारे वॉलंटियर्स ने संकल्प लिया है कि अगर एक भी सैनिक को खून की जरूरत पड़ी, तो हम रांची से लेकर बॉर्डर तक रक्त पहुंचाएंगे। हमारे लिए रक्तदान देशभक्ति से कम नहीं है। -नदीम खान, संस्थापक, लहू बोलेगा हमारा संगठन युवाओं को न केवल ब्लड डोनेट के लिए प्रेरित करता है, बल्कि ट्रेनिंग भी देता है कि कैसे आपात स्थितियों में तेजी से रेस्पॉन्ड किया जाए। हमने सभी सक्रिय डोनर को अलर्ट मोड पर रखा है। युद्ध हो या शांति, हम मानवता के लिए हमेशा तैयार हैं। – रंजन कुमार, संस्थापक, कलेक्टिंग होप्स


