भास्कर न्यूज | अमृतसर पूर्णिमा तिथि में सूर्य और चंद्रमा एक दूसरे के ठीक सामने होते हैं। इस दिन चंद्रमा की ऊर्जा बहुत ज्यादा होती है। वहीं जल व मन का कारक होने की वजह से चंद्रमा समुद्र में ज्वार लाता है और जीवों के शरीर और मन में भी ज्वार लाता है। इस दिन मन को स्थिर और शांत करने के लिए पूर्णिमा तिथि को कई लोग व्रत, जप, तप करते हैं। 12 मई को पूर्णिमा तिथि मनाई जाएगी: वैदिक पंचांग के अनुसार वैशाख पूर्णिमा 11 मई शाम 8 बजकर 1 मिनट से 12 मई की रात 10 बजकर 25 मिनट रहेगी। गोल्ड मेडिलिस्ट पंडित राम अवतार के अनुसार उदयातिथि की मान्यता के चलते 12 मई को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी। उस दिन चंद्रोदय शाम 6 बजकर 57 मिनट पर होगा। वहीं 11 मई शाम 06 बजकर 55 मिनट पर वैशाख पूर्णिमा की शुरुआत और 12 मई शाम 07 बजकर 22 मिनट पर समापन होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि को मनते है। इसलिए 12 मई को वैशाख पूर्णिमा है। बुद्ध पूर्णिमा शुभ योग: ज्योतिषी राम अवतार के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा पर दुर्लभ वरीयान योग का संयोग बन रहा है। वरीयान योग का संयोग रात भर है। इसके साथ ही रवि योग का भी संयोग है। रवि योग सुबह 05 बजकर 32 मिनट से लेकर सुबह 06 बजकर 17 मिनट तक है। इस योग में स्नान-दान करने से आरोग्यता का वरदान मिलेगा। वहीं भगवान बुद्ध की पूजा एवं साधना करने से साधक को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होगी। रवि योग में स्नान, पूजा, जप, तप एवं दान करना उत्तम माना जाता है। पंचांग: सूर्योदय सुबह 05 बजकर 32 मिनट पर और अस्त शाम 07 बजकर 03 मिनट पर होगा। जबकि चंद्रोदय शाम 06 बजकर 57 मिनट पर और चन्द्रास्त सुबह 05 बजकर 31 मिनट पर ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 08 मिनट से 04 बजकर 50 मिनट तक विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 33 मिनट से 03 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।


