चंडीगढ़ में ब्लैकआउट के लिए बनाया कंट्रोल रूम:पार्षदों को सौंपी मैनुअल स्ट्रीट लाईट की जिम्मेदारी; निगम की बैठक में लिया फैसला

चंडीगढ़ में किसी भी आपात स्थिति, विशेषकर ब्लैकआउट की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। नगर निगम ने एक उच्च स्तरीय बैठक कर 24 घंटे कार्य करने वाला कंट्रोल रूम शुरू करने का फैसला लिया है। इस फैसले की घोषणा मेयर हरप्रीत कौर बबला और कमिशनर अमित कुमार ने निगम के पार्षदों और अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान की। बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर में मैनुअल रूप से चलने वाली स्ट्रीट लाइटों को बंद कराने की जिम्मेदारी अब संबंधित वार्डों के पार्षदों की होगी। इसके लिए जरूरत पड़ने पर उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पार्षदों के साथ-साथ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को भी सहयोग करने के लिए कहा गया है। पार्क और वी-5-वी-6 सड़कों की लाइटें रहेंगी बंद ब्लैकआउट की तैयारी के तहत पार्कों, वी-5 और वी-6 सड़कों की स्ट्रीट लाइटों को नियमित रूप से बंद रखने का निर्देश दिया गया है। ताकि संकट के समय शहर में बिजली बंद करने में देरी न हो। जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ में इस समय लगभग 50 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें हैं, जिनमें से करीब 1800 लाइटें मैनुअल सिस्टम पर चल रही हैं। कंट्रोल रूम के लिए नंबर और अधिकारी तय निगम ने ब्लैकआउट कंट्रोल रूम के लिए टेलीफोन नंबर 0172-2787200 जारी किया है। इस कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी एसडीई रुदेश कुमार को दी गई है। वहीं, ब्लैकआउट से जुड़ी समस्त तैयारियों की निगरानी के लिए एसई (बागवानी) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह अधिकारी सोलर और स्ट्रीट लाइटों को समय पर बंद कराने के साथ-साथ आवश्यक होने पर सायरन बजवाने की निगरानी भी करेंगे।

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