भास्कर न्यूज | पदमा झारखंड पूर्ण साक्षर राज्य बने यह सरकार की प्राथमिकता है। शहर से लेकर गांव में सरकारी विद्यालय में लाखों विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन अधिकतर विद्यालय में शिक्षकों की कमी होने के कारण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रहा है। पदमा प्रखंड में कक्षा 1 से लेकर 8 तक कुल 8024 विद्यार्थी के लिए 49 सरकारी विद्यालय है। जिसमें 45 सरकारी शिक्षक एवं 150 सहायक शिक्षक प्रति नियुक्त है। बच्चों को पढ़ाने के लिए 30 बच्चों पर एक शिक्षक की अनिवार्यता है। प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय नवाडीह, कुटीपिसी, सरैया में बच्चों की संख्या के अनुपात में शिक्षक अधिक है। वहीं दूसरी ओर कई विद्यालय ऐसे हैं जहां नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 90 से 150 है और शिक्षक एक या दो। जिसमें मध्य विद्यालय गरवा, कांडा दाग, उर्दू मध्य विद्यालय मांझगावा शामिल है। जबकि नव प्राथमिक विद्यालय छरारो, बसई, कोदवार, दोनाय खुर्द में नामांकित बच्चों की संख्या 50 से अधिक है। लेकिन इन विद्यालय में एक-एक शिक्षक ही नियुक्त है। जिस कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तो दूर की बात है, बच्चों का पठन-पाठन सालों भर बाधित रहता है। शिक्षकों की कमी को लेकर पूछे जाने पर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी नीलम मरांडी ने कहा कि जिला द्वारा सूची मांगा गया था। जिसकी सूची जिला कार्यालय भेज दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि नव प्राथमिक विद्यालयों में एक भी सरकारी शिक्षक नियुक्त नहीं न्यूज है।


