नरसिंह जयंती आज, शाम को मंदिरों में होंगे भगवान के पंचामृत स्नान

भास्कर न्यूज | अमृतसर भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए नरसिंह अवतार धारण किया। क्योंकि दैत्यों के राजा हिरण्यकश्यप का अत्याचार लगातार बढ़ता जा रहा था। इसलिए भगवान को अपने छोटे भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने को नरसिंह अवतार धारण करना पड़ा। 11 मई को नरसिंह जयंती मंदिरों में मनाई जाएगी। इस दिन सुबह मंदिरों में श्री नारायण जी के दुग्ध स्नान होंगे। पंडित गोल्डी शर्मा ने मुताबिक बैसाख शुक्ल चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 10 मई शाम 5:29 बजे से हो गई और समापन 11 मई शाम 8:01 बजे होगा। वहीं इस दिन दोपहर 12:17 बजे से 3:18 बजे तक मध्यान्ह संकल्प का समय रहेगा जो पूजा का खास मुहूर्त है। नरसिंह जयंती पर दुर्ग्याणा में शाम साढ़े 6 बजे ठाकुर जी के पंचामृत स्नान होंगे। सुबह श्री नारायण जी का नरसिंह भेष धारण करवाया जाएगा। नरसिंह भगवान की ऐसे करें पूजा: पंडित सोहन लाल शास्त्री के मुताबिक नरसिंह जयंती की पूजा मुख्य रूप से शाम को जाती है। इस दिन घर के उत्तर-पूर्व दिशा को साफ करके वहीं पूजा का स्थान बनाना चाहिए। उस पर भगवान नरसिंह और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। पूजन करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख रखे और भगवान को पंचामृत, फल, फूल, सूखे मेवे, केसर, कुमकुम, चावल, नारियल और पीला वस्त्र अर्पित करें। वहीं देसी घी का दीपक जलाकर पूजा करें। व्रत रखने वाले व्यक्ति अगले दिन सूर्योदय के बाद और चतुर्दशी तिथि समाप्त होने पर व्रत खोलें। इससे भगवान नरसिंह का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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