अमृतसर | पंजाब के पूर्व डिप्टी स्पीकर प्रो. दरबारी लाल ने मदर्स डे के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि मां ही ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है। मां के बिना यह संसार सूना है। ईश्वर ने मां को ही केवल जन्म देने के अधिकार से सम्पन्न किया है। मां से ही परिवार गुले गुलजार है व सदा बहार है। मां के संस्कारों से ही बच्चे समाज में सुशोभित होते हैं, साहिब-ए जुबां बनते हैं, साहिब-ए-हैसियत होते हैं। प्रो. लाल ने कहा कि मां ही जननी है, मां ही सरस्वती है। मां ही लक्ष्मी है, मां ही अन्नपूर्णा है मां ही चिंतपूर्णी है, मां ही दुर्गा है। मां पूजनीय है। भारतीय संस्कृति में मां को सबसे अधिक सम्मान दिया गया है।


