| शहर की सड़कों, चौराहों और गलियों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। बंद पड़ी दुकानों, बिल्डिंगों और गेटों के आगे लोग कचरा फेंक रहे हैं। कई इलाकों में घरों से कचरा उठाने की सुविधा नहीं है। वहां प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। ताकि लोग कचरा बीच सड़क या गली के मोड़ पर न फेंकें। कचरे से बदबू फैलती है, मच्छर पनपते हैं और बीमारियां बढ़ती हैं। दुकानदारों की दुकानदारी पर असर पड़ता है। बाहर से आने वाले लोगों पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके बावजूद लोग नहीं सुधर रहे। प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। जो लोग कचरे के ढेर लगाते हैं, उन पर जुर्माना लगाया जाए। दुकानदार और रेहड़ी वाले अपनी दुकान के आगे डस्टबिन नहीं रखते, उन पर भारी चालान किया जाए। खाने-पीने की दुकानों और अन्य दुकानों पर डस्टबिन अनिवार्य किया जाए। जो नहीं लगाते, उनके चालान काटे जाएं। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।


