रवि कुमार| कुडू जिला परिषद ने स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर लाखों रुपए पानी की तरह बहाया। इसके बाद भी कुडू शहरी क्षेत्र में अंधेरा पसरा रहता है। दरअसल तीन महीने पहले जिला परिषद कार्यालय प्रशासन द्वारा कुडू प्रखंड में करीब 10 लाख रुपए की लागत से शहर के मुख्य चौक चौराहों पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 35 सोलर लाइट लगवाई गई थी। जो सोलर लाइट समय से पहले खराब होकर जिला परिषद के कार्यशैली और पारदर्शिता पर सवालिया निशान खड़े कर रही हैं। 35 स्थानों पर बिजली के पोल में लगे सोलर स्ट्रीट लाइट बिना जले बेकार साबित हो रहे है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला परिषद कार्यालय, डीसी, डीडीसी सहित जिला के अन्य अधिकारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से ध्यान आकर्षित कराया और सोलर लाइट खरीद में गोलमाल का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने कहा की कुडू शहरी क्षेत्र के 35 स्थानों पर लगा सोलर स्ट्रीट लाइट सभी बिना जले बेकार साबित हो रहे है। प्रखंड क्षेत्र की गलियों में पसरे रहने वाले अंधेरे को दूर करने के लिए जिला परिषद सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाने के पीछे जिला परिषद का मकसद था कि इससे सौर उर्जा को बढ़ावा देकर बिजली की बचत की जाए और गलियों, सड़को में पसरे रहने वाले अंधेरे को दूर किया जा सके। जिला परिषद ने इसके लिए एक प्रस्ताव पास कर एससीए मद लगभग 80 लाख रुपये की लागत से कुडू प्रखंड 35, सेन्हा -35, भंडरा- 35, किस्को -30, कैरो -25, पेशरार -20 और नवोदय विद्यालय में 72 सोलर लाइटें लगावाने की मंजूरी दी और निविदा निकाला। निविदा के आधार पर लोहरदगा की एजेंसी हिन्दुस्तान कॉरपोरेशन को मिला। मंजूरी के बाद 2023 के जुलाई महीने में कुडू शहरी क्षेत्र के 35 स्थानों पर बिजली के पोल में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई। शुरुआत में दो चार जगहों पर सुचारु ढंग से चलती भी दिखाई दी। अब यह सोलर लाइटें अमूमन बंद पड़ी हैं। ग्रामीणों में सावित्री देवी, सविता देवी, तरन्नुम, संजय, विकास, अहमद, खलील, जफर, जसमीत, फारूक, जसीम, कासिम, मंगल, सोमा, गीता, सुशीला सहित दर्जनों ने बताया सोलर लाइट खरीद में भारी गोलमाल हुआ है। नतीजा आधे घंटे भी नहीं जलता है सोलर स्ट्रीट लाइट, बाजार में 70 रुपए में मिलने वाले नौ वाट के एलईडी बल्ब से भी कम रोशनी देता है 28 हजार की लागत से लगा सोलर स्ट्रीट लाइट। जानकारी के अनुसार कुडू शहरी क्षेत्र में कुल 35 लाइटें लगाई गई हैं एक की कीमत लगभग अठाईस हजार रुपये है। बावजूद इसके सोलर स्ट्रीट लाइट रौशनी नहीं देता है। ग्रामीणों ने कहा शाम ढलने पर रोशनी तो नहीं देता है लेकिन कूडू वासियों को गुस्सा जरूर दिलाता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा यदि सोलर लाइट खरीद की जांच गहनता से की जाए तो अपने आप सच्चाई उजागर हो जाएगी। मामले पर पूर्वी क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य गंगोत्री देवी ने कहा सोलर स्ट्रीट लाइट खराब पड़े है तो मामले की जांच की बात उप विकास आयुक्त से करूंगी।


