राजधानी के विभिन्न चौक-चौराहों पर जिला बल के साथ ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात होमगार्ड जवान जल्द ही बदले जाएंगे। 25 दिनों की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ट्रैफिक संभाल रहे होमगार्ड जवानों को अब वापस उनके संबंधित जिलों में भेज दिया जाएगा। ट्रैफिक एसपी कैलाश करमाली ने गृह रक्षा वाहिनी के 14 जिला समादेष्टा को पत्राचार कर रांची ट्रैफिक में स्वीकृत पद के आधार पर 50 प्रतिशत जवानों को योगदान कराने की बात कही है। जिला बल में जवानों की कमी के कारण होमगार्ड जवानों की सेवा लेनी पड़ रही है, लेकिन हर साल इन जवानों को बदलने की अनिवार्यता से समय भी बर्बाद होता है और नए जवानों को हर बार ट्रेनिंग देनी पड़ती है। ट्रैफिक एसपी ने किए गए पत्राचार में यह भी कहा है कि जल्द जवानों को योगदान कराया जाए, ताकि समय पर उन्हें ट्रेनिंग पूरी कराई जा सके। ट्रैफिक ड्यूटी के लिए जवानों को ट्रेनिंग देकर विभिन्न चौक-चौराहों पर तैनात किया जाएगा। मालूम हो कि फिलहाल जिला बल के साथ 700 होमगार्ड जवान राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे हैं। जवानों की कमी से रोज सड़कों पर लगता है जाम जिला बल में जवानों की कमी है। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए पर्याप्त संख्या में जवान उपलब्ध नहीं हो पाते। इस कारण राजधानी में ट्रैिफक व्यवस्था सुचारू रखना संभव नहीं होता। रोज लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। यह स्थिति बदले, ताकि हर साल होमगार्ड के नए जवानों को लेने की जरूरत न पड़े। ट्रैफिक संभालना सीखते हैं और हो जाता है ट्रांसफर गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन िवभाग से स्वीकृत आदेश के अनुसार, होमगार्ड जवानों की रांची ट्रैफिक ड्यूटी में एक साल के लिए ही प्रतिनियुक्ति की जाती है। इसके बाद उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि अच्छे से ट्रैफिक व्यवस्था का का संचालन कर सकें। हालांकि जबतक होमगार्ड जवान पूरी तरह से ट्रेंड होकर ट्रैफिक व्यवस्था को समझते हैं, उसका स्थानांतरण कर दूसरे जवानों को तैनात कर दिया जाता है। ऐसे में नए जवान के लिए ट्रैफिक को समझना आैर उसे संभालना बड़ी चुनौती होती है। इसके अलावा नए जवानों को फिर से ट्रेनिंग देना भी एक चुनौती होती है। इस व्यवस्था को बदलने के लिए जिला बल में जवान बढ़ाने होंगे। 14 जिलों से आएंगे होमगार्ड जवान, महिला होमगार्ड की संख्या होगी 210 शहर की ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, गढ़वा, चतरा, चाईबासा, जमशेदपुर, साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा, देवघर और जामताड़ा से होमगार्ड जवान पहुंचेंगे। जिला समादेष्टा को किए गए पत्राचार में ट्रैफिक एसपी ने स्पष्ट उल्लेख किया है कि इस बात का विशेष ध्यान रखें, भेजे गए होमगार्ड में महिलाओं की संख्या 30 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो। ऐसे में ट्रैफिक में स्वीकृत 700 पद के आधार पर महिला होमगार्ड की संख्या 210 होगी, जिसे ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात किया जाएगा।


