लुधियाना| जवद्दी टकसाल द्वारा आयोजित श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी पर्व और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें गुरुगद्दी दिवस पर आयोजित कांफ्रेंस के अंतिम दिन प्रमुख धार्मिक हस्तियों ने विचार साझा किए। बाबा सरबजोत सिंह बेदी, संत बाबा सेवा सिंह खंडूर साहिब, बाबा गुरमीत सिंह खोसा कोटला, और ज्ञानी पिंदरपाल सिंह ने वर्तमान समय में धर्म के प्रति घटती रुचि और धर्मग्रंथों की ओर से युवाओं का ध्यान न हटने पर चिंता व्यक्त की। संतों ने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर सिख धर्म से जुड़ी कई गलत जानकारी प्रसारित हो रही है, जो युवा पीढ़ी के मन में भ्रम उत्पन्न कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सिख संस्थाओं को गुरमत के सिद्धांतों के अनुरूप सही जानकारी प्रसारित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कांफ्रेंस में यह भी चर्चा की गई कि जवद्दी टकसाल जैसी संस्थाओं को धर्म, गुरबाणी, गुरु इतिहास और सिख इतिहास के प्रामाणिक तथ्यों को आम जनता तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी रखना चाहिए। मुख्य आयोजक संत ज्ञानी अमीर सिंह जी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए था और हमें अपने धर्म के मूल्यों के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।


