जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए हिमाचल के सूबेदार मेजर पवन कुमार काे रविवार को अंतिम विदाई दी गई। कांगड़ा जिले में स्थित पैतृक गांव सिहालपुरी में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे ने शहीद को मुखाग्नि दी। इससे पहले दोपहर 2 बजे उनका शव सिहालपुरी पहुंचा था, जहां अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग पहुंचे। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया, कृषि व पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार, कांगड़ा चंबा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद डॉ राजीव भारद्वाज, स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया और विभिन्न सरकारी अधिकारी भी पहुंचे। बता दें कि शुक्रवार देर रात राजौरी में पाकिस्तान की तरफ से लगातार फायरिंग हो रही थी। इसके जवाब में सूबेदार मेजर पवन कुमार ने अपने साथी जवानों के साथ मुंहतोड़ जवाब दिया। इसी दौरान उन्हें गोली लग गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, यहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पवन कुमार 2 महीने बाद रिटायर होने वाले थे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सूबेदार मेजर पवन कुमार ने देश की एकता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है और कृतज्ञ राष्ट्र उनके बलिदान को हमेशा याद रखेगा। राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही लोगों ने की नारेबाजी
शहीद सूबेदार मेजर पवन कुमार का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव में पहुंचा तो वहां पर लोगों की भारी भीड़ लग गई। इस दौरान लोग भारत माता की जय की नारेबाजी करने लगे। इसी के साथ ही गांव के कुछ युवक हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर पवन कुमार अमर रहे की नारेबाजी करते भी नजर आए। अब जानिए पवन कुमार की कहानी… रिटायरमेंट से दो महीने पहले शहादत
पवन कुमार 25 पंजाब रेजिमेंट में तैनात थे। 2 महीने बाद उनकी रिटायरमेंट होनी थी। इससे पहले ही वे शहीद हो गए। पवन कुमार अपने पीछे बेटा-बेटी, पत्नी और माता-पिता को छोड़कर गए हैं। शहीद के पिता गरज सिंह भी सेना से हवलदार पद से रिटायर्ड हैं। परिजनों को शनिवार सुबह 9 बजे मिली थी सूचना
शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 4 से पार्षद शुभम ने बताया कि सेना की ओर से शनिवार सुबह 9 बजे परिजनों को पवन कुमार की शहादत की सूचना दी गई। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने बताया कि राजौरी में शहीद की पार्थिव देह का पोस्टमॉर्टम हो गया है।


