नाम से पुकारे तो दौड़ी चली आती है गाय:कोंडागांव की महिलाएं 10 साल से कर रही सेवा; हरा चारा भी खुद उगाते है

कोंडागांव से 15 किलोमीटर दूर बड़े कनेरा गांव में कुछ महिलाएं गाय की सेवा के लिए आगे आई है। विदेवश्वरी शर्मा और उनकी साथी महिलाओं ने इस सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया है। महिलाएं पिछले 10 सालों से गौशाला में गायों की सेवा कर रही है। यहां की सबसे खास बात है कि यहां हर गाय का एक नाम है। जब उन्हें नाम से पुकारा जाता है, तो वे तुरंत दौड़कर आ जाती हैं। यह दृश्य एक परिवार जैसा लगता है। ‘कामधेनु गौ साल सेवा’ संस्था कर रही संचालन ‘कामधेनु गौ साल सेवा’ संस्था इस गौशाला का संचालन करती है। जहां कई सरकारी गौशालाएं बंद हो चुकी हैं, वहीं यह संस्था निरंतर सेवा कर रही है। संस्था असहाय बुजुर्गों की भी सेवा करती है। संस्था की महिलाएं गायों के लिए हरा चारा और बरसीम उगाती हैं। वे गोबर से जैविक खाद और सजावटी वस्तुएं बनाती हैं। गौमूत्र से देशी कीटनाशक भी तैयार करती हैं। इन उत्पादों के माध्यम से आस-पास के किसानों को रासायनिक खाद छोड़कर जैविक खेती की ओर प्रेरित कर रही हैं। गौ सेवा के लिए मिला उत्कृष्ट सम्मान इस संस्था में सिर्फ महिलाएं ही काम करती हैं। उनकी सेवा और समर्पण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने उन्हें गौ सेवा के लिए उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा है। यह संस्था साबित कर रही है कि सच्ची सेवा भावना से कोई भी कार्य असंभव नहीं है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *