डोरंडा निवासी विकास मिश्रा ने अपने संस्थान के पूर्व कर्मी पर 13 लाख रुपए से अधिक के गबन, धोखाधड़ी, विश्वासघात, फर्जीवाड़ा और चेक बाउंस का आरोप लगाते हुए लोअर बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसमें बताया है कि वे एक संस्थान में प्रबंधन से जुड़े हैं। एक पूर्व कर्मचारी अरविंद कुमार झा पर गबन का आरोप है। अरविंद को शाखा संचालन, छात्रों के नामांकन, फीस संग्रह जैसी जिम्मेदारियां दी गई थीं। जुलाई 2024 से मार्च 2025 के बीच करीब 13 लाख 18 हजार रुपए नकद, ऑनलाइन और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से प्राप्त होनी थी। लेकिन अधिकतर लेन-देन संस्थान के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किए गए। आरोप है कि अरविंद ने छात्रों से नकद और ऑनलाइन फीस ली, पर संस्थान में जमा नहीं किया। उन्होंने कई छात्रों से ली गई राशि सीधे अपने व्यक्तिगत खाते में मंगवाई। उदाहरण के तौर पर 29 अक्टूबर 2024 को नयन सिखा से 3 हजार, 25 नवंबर को 5 हजार, 27 दिसंबर को 5 हजार, 30 जनवरी 2025 को शांति प्रिया से 10 हजार, 29 जनवरी को कमालुद्दीन से 3 हजार, 12 फरवरी को भोला शंकर साहू से 2,500 और 21 फरवरी को संदीप पांडेय से 5 हजार रुपए लिए गए। ऐसे 25 से अधिक मामलों की सूची दी गई है। 28 फरवरी को पकड़े जाने पर अरविंद ने एक बांड लिख कर दिया। उसमें एक महीने में पूरी राशि लौटाने की बात कही। साथ ही तीन चेक दिए। इनमें से एक 4 लाख रुपए का चेक 9 मई को बैंक में जमा किया गया, लेकिन खाते में राशि नहीं होने से बाउंस हो गया।


