भोरमदेव थाना क्षेत्र के थुवापानी गांव के पास जंगल में सोमवार सुबह तेंदूपत्ता तोड़ाई कर रहे ग्रामीणों पर दो भालुओं ने जानलेवा हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में 4 लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। इसमें दो महिलाएं शामिल हैं। हमलावर भालुओं ने किसी का चेहरा नोंचा, तो किसी का जबड़ा फाड़ डाला। एक का तो पैर का मांस उधेड़ डाला है। घायलों में से एक की हालत बेहद गंभीर है। उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (मेकाहारा) रायपुर रेफर कर दिया गया है। घायलों में ग्राम बाघूटोला निवासी सुखराम पटेल, उमेंद पटेल, ग्राम चिखली निवासी फूल बाई और ग्राम दियाबार निवासी राजमती बाई शामिल है। भालुओं ने सुखराम का चेहरा और जबड़ा बुरी तरह से नोंच डाला है। उसे गंभीर हालत में रायपुर रेफर किए हैं। शेष 3 घायल जिला अस्पताल कवर्धा में भर्ती हैं, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। फिलहाल, तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
भालुओं के हमले से उमेंद पटेल का दाहिना पैर जख्मी हुआ है। भास्कर रिपोर्टर से बातचीत में उमेंद ने बताया कि मैं और 6-7 अन्य ग्रामीण सुबह 6 बजे तेंदूपत्ता तोड़ने थुवापानी के जंगल गए थे। बस्ती से करीब 1 किमी दूर जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ाई कर रहे थे। करीब 7 बजे दो भालुओं ने हमला कर दिया। एक भालू पास से भागा, दूसरा भालू मुझ पर झपटा, तो मैं जमीन पर गिर गया। जान बचाने मैं पेट के बल लेटा था। तभी भालू ने अपने पंजों से मेरे दाहिने पैर का मांस उधेड़ डाला और भाग गया। दोनों भालू झाड़ियों में थे, इसलिए पहले नजर नहीं पड़ी। वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए उठा रहे कदम: डीएफओ निखिल डीएफओ निखिल अग्रवाल का कहना है कि थुवापानी के जंगल में भालुओं द्वारा ग्रामीणों पर हमले की जानकारी मिली है। नियमानुसार प्रकरण तैयार कर पीड़ितों को राहत राशि दी जाएगी। वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए हमारी ओर से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। घायलों से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे उपमुख्यमंत्री अरुण साव घटना की सूचना पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हाल जाना। डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली, बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने घायलों और उनके परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। वन विभाग ने घायलों को तत्काल राहत राशि दी है।


