भास्कर न्यूज | जांजगीर जिला अस्पताल के रिकॉर्ड रूम में लगी आग की जांच शुरू हो गई है। सीएस कार्यालय के पास क्रमांक 03 और 04 में रखे दस्तावेज पूरी तरह जल गए हैं। घटना के बाद फॉरेंसिक टीम जांच के लिए अस्पताल पहुंची। टीम ने कमरे से कई तरह के सैंपल लिए। फर्श से सामान हटाकर भी सैंपल लिए गए। हालांकि, अब तक आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।अस्पताल परिसर में आगजनी की घटना के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां अब सीसी कैमरे लगाए गए हैं। इस मामले में जांजगीर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस 326(जी) के तहत अपराध दर्ज किया है। सीएस कार्यालय शुक्रवार शाम को बंद था। इस कार्यालय में प्रवेश के कितने रास्ते हैं, यह केवल वहां कार्यरत कर्मचारियों को ही पता है। आग शनिवार देर रात लगी। कार्यालय के पीछे की ओर भी एक रास्ता है। प्रबंधन का मानना है कि यह घटना किसी सोची-समझी रणनीति के तहत की गई है। आग में कई जरूरी दस्तावेज जल गए भर्ती प्रक्रिया और वित्तीय अनियमितताओं को छिपाने के लिए सुनियोजित तरीके से आग लगाने की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल परिसर में ही सीएस कार्यालय संचालित होता है। इस रिकॉर्ड रूम में सिविल सर्जन कार्यालय से संबंधित बिल, वाउचर और अन्य दस्तावेज रखे गए थे। अस्पताल के स्टाफ बयान नहीं दे रहे ^अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। अस्पताल का स्टाफ बयान नहीं दे रहा हैं। आग कैसे लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फॉरेंसिक टीम पहुंची थी और सैंपल लिए गए हैं। – प्रवीण द्विवेदी, थाना प्रभारी, जांजगीर


