सेस की राशि जमा नहीं की, निकायों को नोटिस

जांजगीर और सक्ती सहित कुल 12 नगरीय निकायों में भवन, मकान और कॉम्प्लेक्स का निर्माण हुआ है। लेकिन इन निर्माण कार्यों से काटी गई सेस की करोड़ों रुपए की राशि अब तक सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के खाते में जमा नहीं की गई है। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को नोटिस जारी कर जल्द से जल्द राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। नगर पालिका जांजगीर-नैला और चांपा ने अब तक बकाया सेस राशि जमा नहीं की है। वहीं, नगर पालिका सक्ती और नगर पंचायत चंद्रपुर, डभरा, बाराद्वार सहित अन्य निकायों में भी उपकर की राशि बकाया है। संचालनालय नगरीय प्रशासन और विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं की गई, तो संबंधित निकायों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण उपकर अधिनियम के तहत यह उपकर लगाया जाता है, ताकि निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए धन जुटाया जा सके। यह उपकर निर्माण लागत का एक प्रतिशत होता है। नियम के अनुसार, सेस का भुगतान निर्माण कार्य पूरा होने से पहले या बाद में किया जाना अनिवार्य है। अब शासन ने इसके लिए नोटिस दिया है। इन पर खर्च होती है राशि सेस से मिलने वाली राशि का उपयोग भवन और निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और कौशल विकास जैसी योजनाओं पर किया जाता है। जमा करने में देरी पर लगता है ब्याज नियम के अनुसार, निर्माण कार्यों से काटी गई राशि का भुगतान 30 दिन के भीतर करना जरूरी है। यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो दो प्रतिशत मासिक और सालाना 24 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा। इस राशि का भुगतान 30 मार्च 2025 तक करना था, लेकिन निकायों ने पहले ही इसे दो महीने की देरी से जमा नहीं किया है। जिले के नगरीय निकायों में बकाया राशि की स्थिति जांजगीर-नैला का 1957175, चांपा 387370, सक्ती 1128271, चंद्रपुर 1046945, सारागांव 35311, डभरा 1183394, खरौद 46045, नवागढ़ 3048, बाराद्वार 65293, बलौदा 96273, राहौद 22335, शिवरीनारायण 36761 रुपए 2 मई की स्थिति तक बकाया था।

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