रिम्स ऑडिटोरियम में सोमवार को रिम्स अराजपत्रित कर्मचारी संघ द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने नर्सों के समर्पण, कड़ी मेहनत और मरीजों के प्रति उनकी करुणा को सराहा। उन्होंने कहा नर्सें न केवल डॉक्टरों के साथ मिलकर काम करती हैं, बल्कि मरीजों के जीवन को संजीवनी प्रदान करती हैं। उनका योगदान अनमोल है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें बुद्ध के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो सेवा और करुणा का प्रतीक हैं। समारोह में रिम्स के अपर चिकित्सा अधीक्षक कर्नल डॉ. शैलेश त्रिपाठी और अराजपत्रित कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव अशोक कुमार सिंह सहित कई महत्वपूर्ण अतिथि उपस्थित थे। स्वास्थ्य सेवा बिना नर्सों के अधूरी : डॉ माया नारंग रांची | मारवाड़ी युवा मंच रांची समर्पण शाखा ने महिला रोग विशेषज्ञ डॉ माया नारंग के क्लीनिक में नर्स डे का आयोजन किया। समर्पण शाखा द्वारा वहां कार्यरत सभी नसों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ माया नारंग ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा नर्सों के बिना अधूरी है। सच मायने में नर्सिंग स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं। मरीज को जितने नजदीक से नर्स देखती है, उतनी नजदीक से डॉक्टर भी नहीं देख पाते हैं। नर्स मरीज की हर बात समझती हैं और डॉक्टर तक पहुंचती हैं। बिना नर्स के मरीज की देखभाल कठिन है। नर्स दिवस पर सदर अस्पताल में नर्सों का किया गया सम्मान रांची | रांची सदर अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के मौके पर सोमवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नर्सिंग पेशेवरों की निष्ठा, सेवा और समर्पण को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि नर्स के बिना कोई भी अस्पताल नहीं चल सकता। नर्सें किसी भी स्वास्थ्य सेवा संस्थान की रीढ़ होती हैं, जो मरीजों की हर जरूरत को ध्यान में रखती हैं। उन्होंने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के आदर्शों की चर्चा करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने घायल सैनिकों की सेवा की थी, उसी भावना से सदर अस्पताल की नर्सें कार्य कर रही हैं। डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा कि नर्सों की मेहनत की वजह से ही सदर अस्पताल को कई सम्मान मिले हैं।


