RPSC की ग्रेड सेकंड टीचर भर्ती परीक्षा में नियुक्ति दिलाने के नाम पर 38 लाख 87 हजार की धोखाधड़ी के आरोपी को क्लॉक टावर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पीड़ित टीचर से RPSC में अधिकारी को अपना परिचित बताकर रुपए हड़पे थे। ठगी के बाद आरोपी फरार हो गया और पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। क्लॉक टावर थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया- प्रारम्भिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी भानू प्रताप सिंह (36) पुत्र खेन्द्रपाल सिंह क्रिकेट में ऑनलाइन सट्टा लगाने का शौकीन है और सारी रकम उड़ा दी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह था मामला मलूसर रोड के रहने वाले नरेंद्र पाल कुडिया ने 24 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज करवाई कि- वह बीएड की पढ़ाई कर चुका है। 2021 में न्यू मॉडल सेकेंडरी स्कूल में नौकरी के लिए गया था। वहां स्कूल के टीचर भानू प्रताप सिंह (36) पुत्र खेन्द्रपाल सिंह से मुलाकात हुई थी। वह अजमेर में पीडब्ल्यूडीजी-28 के पीछे मीरशाह अली जयपुर रोड पर अपनी बहन के मकान में रहता था। आरोपी से अच्छी जान-पहचान हो गई थी। वह अपनी बहन के घर रहता था। आरोपी उसके घर भी आने-जाने लगा था। अगस्त 2021 घर आया। तब पिता और छोटे भाई भी घर पर थे। आरोपी ने कहा- उसका एक अधिकारी आरपीएससी में तैनात है। साल 2018 सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा की जो भर्ती निकली थी, उसमें कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई है। एक वेटिंग लिस्ट अभी बाकी है। अगर किसी ने बीएड कर रखी है तो उसका सिलेक्शन करवा देगा। एक अभ्यर्थी के करीब 8 लाख रुपए देने होंगे। इसके बाद वह उसका नाम वेटिंग लिस्ट में जुड़वा देगा। आरोपी ने पहले भी कई अभ्यर्थियों को आरपीएससी की परीक्षा में सिलेक्शन करवाने की बात कही थी। जिससे वह झांसे में आ गया। उसके दोस्त हरिवंश सिंह की पत्नी , हर्ष चौहान की बहन और रोशन व भेरुजी के मिलने वाले बीएड होल्डर रहे थे। सभी को आरोपी से मिलवाया था। इसके बाद सभी के परिवार ने तय किया कि कुछ रुपए दे देंगे और कुछ रुपए बाद में देंगे। तब आरोपी ने कहा कि अधिकारी ने पैसे की मांग की है, जितना जल्दी हो सकें, पैसे दे दो। इसके बाद आरोपी को नवंबर 2021 से अगस्त 2023 तक ऑनलाइन, बैंक, कैश के जरिए लगभग 38 लाख 87 हजार रुपए दे दिए। पीड़ित ने बताया कि संपूर्ण राशि उसने अधिकतर अपने साथी जो नौकरी लगना चाहते थे और कुछ राशि अपने परिवार व मिलने वालों से मिलकर आरोपी को भेजी थी। रुपए देने के बाद आरोपी को नौकरी लगवाने का तकाजा किया। इस पर उसने कहा- चिंता मत करो लिस्ट जल्दी ही निकलने वाली है, आप लोगों का नाम लिस्ट में आ जाएगा। उसने कहा- 1 साल के अंदर 2018 सेकंड ग्रेड की वेटिंग लिस्ट आने वाली है, उसमें आप अभ्यर्थियों के नाम आ जाएंगे। अगस्त 2023 के बाद लिस्ट में नाम नहीं आने पर जब आरोपी से रुपए मांगे। तब उसने कहा कि दो-तीन महीने में वह पैसे लौटा देगा। करीब 2 महीने से आरोपी अब फोन नहीं उठा रहा है। वह अपना घर छोड़कर भी आगरा चला गया। क्लॉक टावर थाना पुलिस ने पीड़ित टीचर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरूकी। यूपी से पकड़ा आरोपी, ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में उड़ाई रकम इसके बाद क्लॉक टावर थाना पुलिस ने आरोपी भानुप्रताप सिंह की तलाश प्रारम्भ की। आरोपी ठगी करके अजमेर से भाग गया। जिसका कोई अता-पता नहीं था। जिस पर साईबर सैल से मिलकर तकनिकी साक्ष्य जुटाए। आरोपी की लोकेशन उत्तरप्रदेश से आई। जिस पर आरोपी को ग्राम गहला तहसील जलेसर थाना सकरोली जिला एटा उत्तरप्रदेश से पकड़ा। आरोपी से पुछताछ से सामने आया कि आरोपी भानुप्रताप सिंह वर्ष 2018 से क्रिकेट का ऑनलाईन सट्टा खेलने का आदि है। जो परिवादी व अन्य लोगों को आर.पी.एस.सी. की द्वितीय श्रेणी भती परीक्षा-2018 की प्रतिक्षा सूची में वी.आई.पी. कोटे से सलेक्शन करवाने के नाम पर लगभग 38 लाख 87 हजार रुपए की ठगी की। आरोपी ने रकम को ऑनलाईन जुआ सटटा व ऐश मौज में उडा दिया। आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।


