लुधियाना में जगराओं नगर कौंसिल के प्रधान जतिंदरपाल राणा को पंजाब सरकार से राहत मिल गई है। डेढ़ साल से चली आ रही उनकी कुर्सी की लड़ाई अब खत्म हो गई है। सरकार ने उनके खिलाफ दी गई शिकायत को खारिज कर दिया है। जानकारी के अनुसार मामला तब शुरू हुआ जब सुभाष गेट के रहवासी चरनजीत सिंह ने लोकल बाडी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राणा शहर में अवैध कब्जे करवा रहे हैं। इससे कौंसिल को आर्थिक नुकसान हो रहा है। कौंसिल की बिल्डिंग इंस्पेक्टर निशा के बयान दर्ज करने के बाद सरकार ने 12 मार्च 2025 को राणा को नोटिस जारी किया। राजनीतिक लोगों पर पद से हटाने का आरोप राणा ने अपने बचाव में कहा कि कुछ राजनीतिक लोग उन्हें पद से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए गए। लेकिन हर बार विरोधी असफल रहे। राणा ने सरकार को दिए जवाब में कहा कि उन्होंने अवैध कब्जे हटाने के लिए अधिकारियों को कई बार पत्र भेजे हैं। नगर कौंसिल प्रधान के दफ्तर पहुंचे कई कौंसलर लोकल बाडी मंत्री रवजोत सिंह ने 9 अप्रैल 2025 को राणा को तलब किया। राणा ने मंत्री के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने भविष्य में भी ईमानदारी से काम करने का भरोसा दिलाया। राणा को मिली राहत के बाद मंगलवार को कई कौंसलर उनके दफ्तर पहुंचे। रविन्द्रपाल राजू कामरेड, दविन्द्र जीत सिधु, सुखविन्द्र सिंह समेत कई लोगों ने उन्हें बधाई दी। वहीं विपक्षी कौंसलरों के चेहरों पर निराशा साफ दिखाई दी। बिना कार्रवाई के फाइल की शिकायत शिकायत की जांच के बाद मंत्री रवजोत सिंह ने 12 मार्च 2025 को शिकायत को बिना कार्रवाई के फाइल कर दिया। इसके बाद 12 मई 2025 की शाम को लोकल बाडी विभाग के मुख्य सचिव आईएएस तेजवीर सिंह ने भी इस फैसले पर मुहर लगाई। उन्होंने इसकी कॉपी प्रधान राणा को भेज दी।


