रायपुर में बिल्डर से 95 लाख की धोखाधड़ी:फर्जी चेक नंबर बताकर कराई मकान की रजिस्ट्री, खरीददार दूसरे को मकान बेचकर फरार

छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक बिल्डर से मकान लेने के नाम पर 95 लाख रुपए की ठगी की गई है। आरोपी ने घर खरीदकर बिना पैसे दिए, किसी दूसरे को बेच दिया। बिल्डर प्रकाश चंद जायसवाल की शिकायत पर डीडी नगर पुलिस ने 2 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। दरअसल, 10 जनवरी को बिल्डर ने बंटी रस्तोगी को 95 लाख रुपए में शांति इन्क्लेव स्थित 4BHK मकान बेचा था। मकान की रजिस्ट्री कराने के समय बिल्डर के नाम का चेक दिया था। प्रकाश चंद ने जब उस चेक को बैंक में जमा किया, तो बैंक ने उसे फर्जी निकला। जानिए क्या है पूरा मामला ? FIR के मुताबिक, समता कॉलोनी निवासी प्रकाश चंद जायसवाल पेशे से बिल्डर है। 10 जनवरी 2025 को उन्होंने अपने प्रोजेक्ट का एक घर बंटी रस्तोगी को बेचा था। इस पूरे डील से पहले खरीदार ने बिल्डर से कहा था कि, रकम बड़ी है इसलिए वह लोन लेकर घर की रजिस्ट्री करवाएगा। इसी बंटी ने बिल्डर का बताया कि, लोन दिलाने वाला एजेंट मोहनीश श्रीवास्तव उसके पहचान का है। वो उसके लोन का काम करवा रहा है। बंटी और मोहनीश ने बिल्डर को बताया कि, लोन पास हो गया है। बिल्डर को चेक नंबर बताया गया और चेक बाद में देने की बात कही। इस तरह झूठ बोलकर मकान को अपने नाम पर रजिस्ट्री करवा लिया। लोन एजेंट 30 लाख रुपए की चोरी में पकड़ा गया प्रकाश चंद जायसवाल ने अपनी शिकायत में बताया कि, वे लगातार बंटी और मोहनीश को चेक देने कहते रहा, लेकिन दोनों यह बात टालते रहे। एजेंट मोहनिश श्रीवास्तव ने 20 दिसंबर 2024 को बैंक ऑफ महाराष्ट्र, कटोरा तालाब, रायपुर से 85,40,000 रुपए का चेक नं. 583905 होना बताया। हमने 10 जनवरी 2025 को बंटी रस्तोगी (क्रेता) को रजिस्ट्री कर दिया। जब एजेंट को चेक लाने कहा गया तो उसने एक महीने तक घुमाता रहा। हमने बैंक जाकर पता किया तो पता चला कि ऑफ महाराष्ट्र रायपुर ने यह चेक बनाया ही नहीं है। एक दूसरे बैंक का भी चेक दिया। इसी बीच अचानक 6 अप्रैल को समाचार पत्र के जरिए हमें पता चला कि श्री शिवम, पंडरी कपडा शॉप में मोहनिश श्रीवास्तव 30 लाख रुपए की चोरी करते हुए अपने साथियों समेत पकड़ा गया है। इस बात का संदेह हुआ और बिल्डर बंटी रस्तोगी के साथ वह चेक की छानबीन करने आधार हाउसिंग फायनेंस भाठागांव चले गए। तो उस बैंक से भी हमें जानकारी मिली कि जो चेक दिया गया था, वह उस बैंक ने नहीं बनवाया है। घर गिरवी रखकर पैसा देने की बात कही, लेकिन घर बेचकर भागा बिल्डर ने बताया कि, बंटी रस्तोगी ने कहा था कि घर की रजिस्ट्री हो गई है। रजिस्ट्री पेपर को बैंक में मॉर्टगेज कराकर पैसा वापस कर दूंगा। कुछ दिन बाद में सोसाइटी के गॉर्ड का फोन आया कि, आपके 4 बी.एच.के. मकान में कुछ साफ सफाई हो रही है। जिसका पता लगाने बिल्डर वहां गया तो पता चला कि बंटी रस्तोगी उस मकान को किसी और को 40 लाख रुपए में बेचकर पावर ऑफ एटार्नी दे दिया। टोकन अमाउंट के बतौर सामने वाली पार्टी से 20 लाख रुपए ले लिया है। डीडी नगर थाना प्रभारी एसएन सिंह ने बताया कि, प्रकाश चंद जायसवाल के साथ हुई धोखाधड़ी में आईपीसी की धारा 418, 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस मामले में जांच में जुट गई है।

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