बांधवगढ़ नेशनल पार्क से एक नया मेहमान बाघ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व आ रहा है। सोमवार देर रात तक बाघ एसटीआर चूरना पहुंचेगा। 3 साल के इस बाघ को उसे सीधे जंगल में छोड़ा जाएगा। सोमवार सुबह बाघ को पिंजरे में लेकर टीम एसटीआर के लिए रवाना हुई। बाघ की मॉनिटरिंग के लिए गले में कॉलर आईडी लगाई गई है, जिससे उसकी 24 घंटे निगरानी की जाएगी। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया- 3 साल के बाघ की मां को कुछ दिन पहले ही भोपाल वन विहार में छोड़ा गया है। बाघ बिछड़ गया था। देखरेख के लिए उसे बांधवगढ़ से एसटीआर लाया जा रहा है। बाघ वयस्क होने की स्थिति में है, इसलिए उसे सीधे जंगल में छोड़ेंगे। एसटीआर में बाघों का बढ़ रहा कुनबा क्षेत्र संचालक राखी नंदा ने बताया- पिछली गणना के अनुसार एसटीआर में बाघों की संख्या 62 है। लगातार बाघों का यहां कुनबा बढ़ रहा है। नर्मदापुरम से छिंदवाड़ा तक फैला है एसटीआर एसटीआर का एरिया 2300 वर्ग किमी तक फैला हुआ है। नर्मदापुरम से छिंदवाड़ा के तामियां तक फैले एसटीआर के क्षेत्र में 95 फीसदी में हरियाली है। 220 वर्ग किमी में पानी है। एसटीआर में सबसे ज्यादा बाघ चूरना, मढ़ई रेंज में देखने को मिलते हैं। इसके अलावा तेंदुआ, सांभर, बायसन, सियार, नीलगाय, बारहसिंघा, हिरण सहित 20 से अधिक प्रजाति के वन्य जीव और अनेकों पक्षी यहां हैं।


