बीएसएसएस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज ने अपने परिसर में अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधन संगोष्ठी 2024 का आयोजन किया, जिसमें शिक्षा, शोध और परामर्श में उत्कृष्टता के साथ विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए युवा प्रबंधकों को प्रेरित किया गया। इस संगोष्ठी का आयोजन सिनर्जी यूनिवर्सिटी, मॉस्को और बीएनआई भोपाल के सहयोग से किया गया। बीएसएसएस आईएएस के कार्यकारी निदेशक डॉ. फादर जॉन पी.जे. ने कहा कि विकास और स्थिरता के बीच संतुलन बनाना समय की आवश्यकता है और यह तभी संभव है जब हम समावेशी विकास को प्राथमिकता दें। संगोष्ठी के प्रमुख विषयों में सतत विकास, ऊर्जा संक्रमण, नेतृत्व, संगठनात्मक संस्कृति, हरित ऊर्जा और समावेशी शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर चर्चा की गई। इन विषयों का उद्देश्य एमबीए छात्रों को प्रशिक्षित करना था, ताकि वे 2047 तक एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें। मुख्य अतिथि डॉ. ऐश्वर्या महाजन, एम3एम फाउंडेशन की अध्यक्ष ने कार्यक्रम के विषय चयन की सराहना की और बताया कि हाशिए पर पड़े समुदायों के समावेश के लिए अभिनव और टिकाऊ समाधानों की आवश्यकता है, जिसके लिए उद्योग, तकनीकी और शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। इस संगोष्ठी में कई प्रतिष्ठित वक्ता शामिल हुए, जिनमें प्रदीप करमबेलकर, बीएनआई भोपाल के कार्यकारी निदेशक, अनाथासिया शांशिना( सिनर्जी यूनिवर्सिटी, मॉस्को में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के कार्यकारी निदेशक) और अमिताव चटर्जी( एचसीएल टेक्नोलॉजी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट) शामिल थे। इस कार्यक्रम में कॉर्पोरेट पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें 70 से अधिक उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने समकालीन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत किया।


