साहब सामान तो छोड़ दीजिए, हम अभी हटा लेते हैं…फिर कभी नहीं लगाएंगे, माई-बाप इसी दुकान के भरोसे रोजी-रोटी चलती है…दुकान ले जाएंगे तो खाएंगे क्या…। मंगलवार को राजधानी रायपुर के अलग-अलग इलाकों में नगर निगम की विशेष टीम ने अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान सड़कों पर ठेले-खोमचे और दुकान लगाने वाले कारोबारी और उनके कर्मचारी तोड़फोड़ अमले के अफसरों से सामान जब्त ना करने की मिन्नत करते रहे। अफसरों ने दो टूक कह दिया कि यह पहली बार नहीं हो रहा। हर बार कार्रवाई होती है और रियायतें देते हैं, लेकिन आप लोग सुधरते नहीं। कहीं पर लोगों ने निगम अमले के साथ तकरार की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के कारण कार्रवाई नहीं थमी। अफसरों ने लोगों को चेतावनी दी है कि शहर में ऐसी कार्रवाइयां अब रोज चलेंगी। दैनिक भास्कर की टीम ने मंगलवार को जिला प्रशासन, पुलिस और निगम की टीम के साथ कार्रवाई की लाइव रिपोर्टिंग की। निगम मुख्यालय की विशेष टीमें जोन अमले के साथ अपने-अपने क्षेत्र में निकलीं। नगर निगम जोन-5 का अमला दोपहर 12 बजे आमापारा पहुंचा। चौक के पास सड़क के दोनों फल, नाश्ता की दुकानें लगी हुई थी। निगम अमले को देखते ही वहां बैठी महिलाओं ने जल्दी-जल्दी सामान समेटना शुरू कर दिया। निगम के कर्मचारी जैसे ही सामान उठाने लगे, महिलाएं गिड़गिड़ाने लगी। कर्मचारियों से विनती करने लगी। अफसरों ने पांच मिनट का मौका दिया और चेतावनी दी कि दोबारा सड़क पर दुकान लगाए तो पूरा सामान जब्त कर लेंगे। यहां पर ठेले में नाश्ता दुकान लगाने वाले एक कारोबारी का सामान ही जब्त कर लिया गया। कारोबारी गिड़गिड़ाता रहा। निगम कर्मचारियों ने कहा कि पहले भी इस रोड पर कार्रवाई की गई, लेकिन आप रुक नहीं रहे। निगम अमला आगे बढ़ा तो यहां पर दो दुकानदारों दीपक गुप्ता और विजय कुमार ने सड़क पर कब्जा कर लिया था। सामान जब्त करने का अधिकार : निगम
मंगलवार को निगम अमले ने शहर में अधिकांश जगहों पर अतिक्रमण को हटाया। इस दौरान बड़ी मात्रा में लोगों के सामान जब्त किए गए। नगर निगम के नगर निवेशक आभाष मिश्रा ने बताया कि निगम एक्ट की धारा 322 के तहत नगर निगम को अतिक्रमण करने वालों के सामान जब्त करने का अधिकार है। पांच सौ से 5000 रुपए तक का जुर्माना भी लगा सकते हैं। निगम को यह भी अधिकार है कि यदि किसी ने जुर्माना अदा नहीं किया तो उनका सामान भी जब्त किया जा सकता है। नगर निगम का अमला जब-जब कार्रवाई करेगा और जितनी बार इस तरह के अतिक्रमण मिलेंगे।


