रतलाम के बाजना में उपजे विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बाजना के व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल सोमवार दोपहर कलेक्टर राजेश बाथम व एसपी अमित कुमार से मिला। बाजना क्षेत्र में आए दिन आदिवासी समाज द्वारा विवाद कर जबरन दबाव बनाने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। साथ ही भांजगड़ा प्रथा पर रोक की मांग की। व्यापारियों ने दोनों अधिकारियों को 7 बिंदुओं का एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आदिवासी अंचल क्षेत्र बाजना में गंभीर समस्याओं के निराकरण की मांग की। व्यापारी सबसे पहले एसपी अमित कुमार से मिले। उसके बाद कलेक्टर से मिलने पहुंचे। तुरंत कार्रवाई के लिए एसपी को दिया धन्यवाद
प्रतिनिधि मंडल ने तुरंत कार्रवाई करने पर एसपी को धन्यवाद दिया। दोनों अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में जबरन वसूली का दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई की मांग की। क्षेत्र में शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की जाए। प्रति गुरुवार लगने वाले हाट बाजार में असामाजिक तत्वों द्वारा हुडदंग फैलाया जाता है उचित रोकथाम करने समेत बाजना के अंदर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की। ताकि दुर्घटना व घटनाओं की तह तक जा सके। नगर के मध्य पुराने थाने पर पुलिस चौकी तैनात करने के साथ ही बस स्टैंड पर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर 2 जवानों को तैनात करने की मांग की। यह था मामला रतलाम-बाजना मार्ग पर शुक्रवार रात 9.30 बजे शिवगढ़ से बाजना जा रही बस (एमपी-43 पी- 0288) ने ग्राम छावनी झोड़िया के यहां बाइक सवार कमल (27) पिता रमेश अमलियार और दीपक (25) पिता सुरेश खराड़ी दोनों निवासी ग्राम घाटाखेदा को टक्कर मार दी। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर बस छोड़कर भाग गया था। शिवगढ़ थाना पुलिस ने बस चालक के खिलाफ तेज गति व लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस दर्ज किया था। शनिवार को रतलाम से पीएम के बाद शव ले जाकर परिजनों व ग्रामीणों ने नगर बस स्टैंड पर बस मालिक की दुकान के बाहर शव रख जाम लगा दिया था। कुछ लोगों ने बाजार की दुकानें बंद करवाते हुए बस संचालक विकास अग्रवाल के कर्नाटक चौराहा स्थित मकान पर ईंट व पत्थर फेंके थे। देर रात तक ग्रामीण वहीं डटे रहे। पुलिस ने समझाया तो पुलिस पर ही पथराव कर दिया था। तब पुलिस को सख्ती दिखाना पड़ी। आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पथराव में 10 से 12 पुलिसकर्मी को चोटे आए थी। जबरन दबाव बनाने के विरोध में रविवार को व्यापारियों ने बाजना बंद रखा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी जयस नेता विलेश खराड़ी, जिला पंचायत सदस्य शरद डोडियार समेत 20 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया था। विलेश खराड़ी पर रासुका की कार्रवाई की।


