भास्कर न्यूज | सिमडेगा उपायुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में बैग वितरण, टेक्स्टबुक वितरण, आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान, रूआर कार्यक्रम, ट्रांजक्शन रेट (कक्षा 5 से 6 एवं 8 से 9), मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में नामांकन, खेल एवं शारीरिक शिक्षा, विद्यालय भवनों की स्थिति सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की गहन समीक्षा की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथलेश केरकेट्टा ने जानकारी दी कि सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के बीच स्कूली बैग का वितरण सुनिश्चित कर लिया गया है। टेक्स्टबुक वितरण की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ विद्यालयों में अब भी पुस्तक वितरण शेष है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि समय पर सभी बच्चों के बीच टेक्स्टबुक का वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान एवं विद्यालयी करण पर बल देते हुए उपायुक्त ने रूआर कार्यक्रम अंतर्गत चल रहे “बैक टू स्कूल कैंपेन” की समीक्षा की। शिशु पंजी सर्वे के माध्यम से चिह्नित बच्चों का नामांकन कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में लाना की बात कहीं। समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025 के दौरान कुल 3496 बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराया गया है। ट्रांजक्शन रेट की समीक्षा में प्राइमरी से अपर प्राइमरी (कक्षा 5 से 6) तथा अपर प्राइमरी से सेकेंडरी (कक्षा 8 से 9) में बच्चों के नामांकन की प्रगति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी बच्चे को बीच में न छोड़ा जाए और शत-प्रतिशत ट्रांजक्शन रेट सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में नए नामांकन की स्थिति पर भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि नामांकन समय पर पूरा कर लिया जाए ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय एवं झारखंड आवासीय विद्यालयों की भवन स्थिति, आधारभूत संरचना एवं संसाधनों की भी समीक्षा की। उपायुक्त ने कोलेबिरा कस्तूरबा विद्यालय भ्रमण के दौरान विद्यालय में पानी की अनुपलब्धता, बिजली की समस्या, खेल मैदान की कमी, डाइनिंग टेबल का अभाव, पर्याप्त पंखों एवं लाइट की व्यवस्था न होने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आईं।


