14 बालू घाटों को ही मंजूरी, लेकिन 100 घाटों पर हो रहा अवैध खनन

किसी का खौफ नहीं… अवैध घाटों पर दिनदहाड़े लगती है बालू के अवैध उठाव के लिए गाड़ियों की कतार
झारखंड में बालू का काला धंधा खुलेआम चल रहा है। इसे रोकने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सच इसके विपरीत है। अधिकतर नदियों में बालू का अवैध खनन चल रहा है। भास्कर के छह रिपोर्टर ने छह जिलों में 10 दिन तक 114 बालू घाटों की पड़ताल की। रांची, दुमका, बोकारो, खूंटी, धनबाद और जामताड़ा जिले में बालू के अवैध धंधे को नजदीक से देखा तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पता चला कि इन जिलों के 114 बालू घाटों में से 14 घाटों को ही पर्यावरण स्वीकृति मिली है, ले​किन 100 घाटों से बालू निकाला जा रहा है। इसमें बालू माफिया, पुलिस और छुटभैये नेता का सिंडिकेट काम कर रहा है। ऊपर से नीचे तक के कई प्रभावशाली लोगों का इन माफिया को संरक्षण है, जिससे यह धंधा फल-फूल रहा है। आम लोग कई गुना महंगी दर पर बालू खरीद रहे हैं। झारखंड में 444 बालू घाट, लेकिन इनमें से मात्र 51 में ही है बालू खनन की अनुमति झारखंड में 444 बालू घाट हैं। इनमें से मात्र 51 बालू घाटों के पास ही पर्यावरण स्वीकृति है। यानि 393 बालू घाटों से अवैध खनन हर दिन हो रहा है। रोज 5000 से अधिक हाईवा, ट्रैक्टर व टर्बो ट्रक से अवैध खनन कर बालू निकाल कर बेचा जा रहा है। बालू की औसत कीमत 15000 रुपए है। इस तरह हर महीने लगभग 225 करोड़ के बालू का अवैध कारोबार हो रहा है। इस तरह साल में करीब 3000 करोड़ का बालू अवैध खनन कर बेचा जा रहा है। जानिए किस जिले में कितने बालू घाट, जहां हो रहा अवैध उत्खनन जिला बालू पर्यावरण अवैध घाट स्वीकृति खनन खूंटी 24 03 21 रांची 19 03 16 बोकारो 07 00 07 धनबाद 10 01 09 जामताड़ा 21 04 17 दुमका 33 03 30 कुल 114 14 100 जेएसएमडीसी के ऑनलाइन पोर्टल पर आम लोगों को नहीं मिल पाता बालू झारखंड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (जेएसएमडीसी) ने ऑनलाइन पोर्टल पर बालू की बुकिंग की सुविधा दी है। लेकिन आम लोग ऑनलाइन बुकिंग ही नहीं कर सकते। अगर किसी तरह बुकिंग करा भी ली तो बालू नहीं ला सकते। क्योंकि बालू लाने गाड़ी लेकर खुद घाट पर जाना होगा। वहां से बालू लोड कराकर लाना होगा। सरकार ने 100 सीएफटी बालू के लिए मात्र 750 रुपए रेट तय किया है। इसके अलावा लोडिंग- अनलोडिंग और परिवहन शुल्क भी देना होगा। इतने झंझट की वजह से सामान्य व्यक्ति पोर्टल से बालू नहीं खरीदता। जल्द होगी बंदोबस्ती, रुक जाएगा अवैध खनन 100 सीएफटी बालू की दर 750 रु. तय, ​बिक रहा छह गुना महंगा 100 सीएफटी बालू की सरकारी दर 750 रुपए तय है, लेकिन यह छह गुना महंगा बिक रहा, जानिए कैसे… एक ट्रैक्टर में 60 से 80 सीएफटी बालू आता है, जो 4000 रुपए में चोरी-छिपे मिल रहा है। एक टर्बो ट्रक में करीब 100 सीएफटी बालू रहता है, वह 4800 रुपए में मिल रहा है। एक हाइवा में 750 सीएफटी बालू रहता है, जो अभी 40 से 45 हजार रुपए में मिल रहा है।

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