भास्कर न्यूज| सरायकेला वृष संक्रांति के अवसर पर प्रभु जगन्नाथ मंदिर के परिसर स्थित सामुदायिक भवन में विशेष हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें काकटपुर के मां मंगला के साथ अग्र पूज्य भगवान श्री गणेश की पूजा हुई। वृष संक्रांति के अवसर पर जगन्नाथ सेवा समिति द्वारा प्रभु जगन्नाथ के रथ का निर्माण कार्य एक दिन के लिए बंद रखा। ओडिशा से आए मुख्य कारीगर प्रकाश ओझा ने बताया कि वृष संक्रांति एक विशेष है। राशि परिवर्तन के कारण विश्वकर्मा कारीगरों को कार्य करने में परेशानी होती है, या सीधे भाषा में यह कहा जा सकता है कि इस दिन कार्य करना कारीगरों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। इसलिए इस दिन रथ निर्माण कार्य बंद रखा गया। उन्होंने बताया कि काकटपुर मां मंगला का हवन पूजन कार्यक्रम किया गया तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से पुनः रथ निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, हालांकि अभी तक भगवान जगन्नाथ के रथ निर्माण कार्य का 50% कार्य पूर्ण हो चुका है। आने वाले 15 से 20 दिनों के अंदर रथ निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। पुरी से आए हुए कारीगरों ने बताया कि सरायकेला में रथ निर्माण कार्य करना उन्हें एक सुखद अनुभूति है। जगन्नाथ सेवा समिति के सभी सदस्य एवं यहां के लोग काफी अच्छे हैं। देव स्नान पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ का होगा शाही स्नान : भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पूर्व जगन्नाथ सेवा समिति की ओर से कई कार्यक्रमों का आयोजन परंपरा के अनुरूप किया जाएगा। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जगरनाथ सेवा समिति के अध्यक्ष राजा सिंहदेव एवं उपाध्यक्ष सनत आचार्य ने कहा कि 11 जून को देवस्नान पूर्णिमा का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। जिसमें परंपरानुसार भगवान जगन्नाथ को विभिन्न जलाशयों से एकत्रित किए गए पवित्र जल से स्नान कराया जाएगा। डिवोशनल पूर्णिमा पर भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। 12 जून को अणसर नीति (प्रभु स्नान के पश्चात बीमार होंगे), 26 जून को नवयौवन दर्शन एवं 27 जून को प्रभु श्री जगन्नाथ के रथ यात्रा गुंडिचा मंदिर यात्रा प्रारंभ होगा, 28 जून को प्रभु श्री जगन्नाथ अपने मौसी गुंडिचा के घर पहुंचेंगे, 5 जुलाई को बाहुड़ा रथयात्रा निकलेगी।


