भास्कर न्यूज | लुधियाना ज्यूडिशियल स्टाफ व वकीलों के बीच चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया। जिला एवं सेशन जज व वकीलों के बीच हुई बैठक में यह विवाद सुलझा। बैठक में घटना में शामिल प्रोसेस सर्वर को जांच लंबित रहने के दौरान लुधियाना से स्थानांतरित करने व वकीलों के खिलाफ दर्ज क्रॉस एफआईआर को बिना देरी के वापस लेने पर सहमति बनी है। 12 मई को ज्यूडिशियल स्टॉफ व वकीलों के बीच विवाद हो गया था। वकीलों ने ज्यूडिशियल स्टॉफ पर मारपीट व रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है जबकि ज्यूडिशियल स्टॉफ ने आरोपों को झूठा बताकर धरना प्रदर्शन किया था। इस मामले में पुलिस ने क्रास एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने 150-200 वकीलों पर केस दर्ज किया था जिसे लेकर वकीलों ने राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा की थी। मामले को सुलझाने के लिए जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विपन सगड़ व कार्यकारिणी द्वारा वरिष्ठ वकीलों की एक कमेटी बनायी गई थी,जिसने जिला एवं सेशन जज हरप्रीत कौर रंधावा के साथ मीटिंग हुई। मीटिंग में शिकायतकर्ता दो वकील, रोहित कुमार और नागिंदर सिंह व दूसरे पक्ष से प्रोसेस सर्वर भी मौजूद थे। बैठक में वकीलों व न्यायिक स्टॉफ के बीच चला आ रहा गतिरोध खत्म हो गया। इसके चलते शाम को वकीलों ने अपनी हड़ताल को वापस लेने का ऐलान कर दिया। जिला बार संघ के प्रधान विपिन सगड़ ने कहा कि वकीलों की सभी मांगों को मान लिया गया है। जिला एवं सेशन जज हरप्रीत कौर रंधावा के कार्यालय में कानूनी बिरादरी के प्रतिनिधियों और प्रोसेस सर्विंग एजेंसी के कर्मचारियों के बीच दो दौर की महत्वपूर्ण वार्ता के बाद यह सफलता मिली। वकीलों के खिलाफ दर्ज क्रॉस डीडीआर को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। आरोपी व्यक्ति को जांच लंबित रहने तक लुधियाना स्टेशन से स्थानांतरित कर दिया गया है। बातचीत में यह लोग रहे मौजूद- बातचीत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के साथ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बरिंदर रमाना , अतिरिक्त जिला न्यायाधीश जसपिंदर सिंह, सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ प्रभाग) डेजी बागड़ और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पवलीन सिंह, जिला बार एसोसिएशन (डीबीए) के अध्यक्ष विपन सग्गड़, सचिव हिमांशु वालिया, उपाध्यक्ष गगनदीप बेदी, कार्यकारी सदस्य रचिन सोनी, पूर्व डीबीए अध्यक्ष केआर सीकरी, एनके छिबर, गुरकिरपाल गिल, बी.बी.एस. सोबती और स्टीवन सोनी मौजूद थे।


