भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह सदर प्रखंड की चुंजका पंचायत के लोग इन दिनों पानी और सड़क की समस्या से परेशान हैं। बनियाडीह से करमाटांड़ जाने वाली सड़क बीते 10 वर्षों से जर्जर है। वहीं इसी सड़क पर करमाटांड़ के पास एक नाले में 40 वर्ष पुराना पुलिया भी जर्जर हो चुका है। पुलिया के दोनों ओर चढ़ाई होने की वजह से भारी वाहनों को पुलिया के पास से होकर गुजरना होता है, जहां काफी िदक्कत होती है। पुलिया के दोनों ओर अधिक चढ़ाई होने की वजह से छोटे वाहनों को भी दिक्कत होती है। यहां तक की ऑटो और टोटो भी नहीं चढ़ पाते है। पैसेंजर को उतार का ऑटो और टोटो को करमाटांड़ की ओर जाना पड़ता है। बताया जाता है कि पुलिया वर्षों पूर्व सिर्फ बारिश की समस्या के िलए बनाई गई थी, लेकिन अब इस सड़क से बनियाडीह से मटरुखा होकर पीरटांड़ के कई सुदूरवर्ती गांवों के लोगों की आवाजही काफी बढ़ गई है। ऐसे में यह सड़क ग्रामीण इलाके के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। िजससे पुलिया के पास पुल की जरुरत होने लगी है। साथ ही बनियाडीह से मटरुखा तक जर्जर करीब 5 किलोमीटर सड़क को भी दुरुस्त करने की जरुरत है। चुंजगा पंचायत के चिलगा काली मंदिर के पास भी करीब एक किलोमीटर सड़क की हालत जर्जर है। जनसंख्या – 8500 जिला मुख्यालय से दूरी 08 किलोमीटर साक्षरता दर -85% प्रसिद्ध स्थल- चिलगा काली मंदिर कनेक्टिविटी- सड़क मार्ग- बाइक, कार , टेंपो – टोटो। पंचायत के इन गांवों में पानी की काफी दिक्कत चुंजका पंचायत के चुंजका, चिलगा, सरहच्चा, करमाटांड़, बुढ़ियाडीह में पानी की भी काफी किल्लत है। पूरे पंचायत में जल जल मिशन के तहत 54 जलमीनार का निर्माण होना था, िजनमें से पंचायत में 24 जलमीनारें बन कर खड़ी हैं। लेकिन िकसी भी जलमीनार से पानी नहीं मिलता है। हालत ऐसी है कि किसी में बोरिंग फेल है, तो किसी का सोलर पैनल ही नहीं है। गांवों के पुराने कुएं का जलस्तर गर्मी में नीचे चला गया है। वहीं पूर्व कुछ स्थानों पर मुखिया मद से जलमीनार लगी थी, वही कहीं-कहीं चल रहा है।


