छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हत्या, दुष्कर्म और गांजा तस्करी जैसे अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। यही कारण है कि जिला जेल में इन मामलों के अपराधी क्षमता से अधिक है और अपनी गुनाहों की सजा काट रहे हैं। करीब 700 कैदियों की क्षमता वाली जेल में इस समय 800 से अधिक विचाराधीन बंदी रखे गए हैं। ग्रामीण इलाकों में हत्या के मामले बढ़े वहीं, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवादों के चलते हत्या की घटनाएं ज्यादा सामने आ रही हैं। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। फिलहाल रायगढ़ जेल में हत्या के मामलों से जुड़े 268 विचाराधीन बंदी हैं, जिनमें 237 पुरुष और 31 महिलाएं हैं। दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के आरोपी दूसरे स्थान पर इसके बाद दूसरे नंबर पर किसी अपराध में सजा काट रहे विचाराधीन बंदी की संख्या देखी जाए, तो पास्को एक्ट के आरोपी अधिक हैं। इमसें दुष्कर्म के मामलों में 101 अपराधी सजा काट रहे हैं। जिसमें 100 पुरुष और एक महिला भी है। इससे यह स्पष्ट है कि जिले में जागरूकता के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों से दुष्कर्म के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। गांजा तस्करी भी बढ़ी
जिले में पिछले कुछ सालों में ओडिशा की ओर से गांजा तस्करी भी बढ़ी है और इसके आरोपी भी पकड़े गए हैं। जेल में वर्तमान स्थिति में तीसरे नंबर पर NDPS मामले के आरोपी हैं। जिसमें 96 आरोपी जेल में बंद हैं। इसमें 93 पुरुष और 3 महिलाएं हैं। हाल ही में पुलिस ने लैलूंगा क्षेत्र में दो अलग-अलग गिरोहों के दो गांजा तस्करों को पकड़कर जेल भेजा था। जेल में क्षमता से अधिक बंदी
इन दिनों क्षमता से अधिक विचाराधीन बंदी जेल में हैं। करीब 700 की क्षमता वाली जेल में 800 से अधिक बंदी सजा काट रहे हैं। हालांकि, इसमें बताया जा रहा है कि किसी मामले में कोई बंदी आते हैं, तो कुछ जमानत में छूट भी जाते हैं। जिससे घटना और बढ़ना लगा रहता है। वहीं कुख्यात अपराधियों को जरूर केन्द्रीय जेल में शिफ्ट कर दिया जाता है। मुहिम के कारण संख्या अधिक
जेल अधीक्षक एस शोभारानी ने बताया कि जेल में हत्या और दुष्कर्म के विचाराधीन बंदी अधिक हैं। इसके अलावा अलग-अलग मामलों के बंदी भी हैं। बंदियों की संख्या में जेल में बढ़ते-घटते रहती है। इसमें कोई समस्या नहीं है। अभी अधिक संख्या इसलिए है कि किसी मुहिम के तहत लगातार आरोपियों को पकड़ा जा रहा है।


