उज्जैन संभाग आईजी उमेश जोगा सोमवार को रतलाम आए। पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। सीसीटीवी कंट्रोल रूम देखा। पिछले एक साल के अपराधों व पेंडिंग अपराधों की समीक्षा की। कोरोना काल में काम करने वाले पुलिस अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को कर्मवीर योद्धा पदक व प्रमाण पत्र से सम्मानित किया। आईजी जोगा पदभार संभालने के बाद पहली बार उज्जैन संभाग के जिलों की विजिट पर निकले हैं। आईजी दोपहर में एसपी ऑफिस पहुंचे। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। डीआईजी मनोज सिंह, एसपी अमित कुमार व एएसपी राकेश के साथ एसपी ऑफिस में बने पुलिस के सीसीटीवी कंट्रोल रुम को देखा। शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के बारे में जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सभी अधिकारियों से परिचय लेकर रतलाम जिले में कब से पदस्थ हैं, उसके बारे में भी जानकारी ली। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में पुराने अपराधों की समीक्षा व नए साल में पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिले से वाकिफ हूं-आईजी
दैनिक भास्कर से चर्चा में आईजी जोगा ने कहा कि वह पूर्व में रतलाम एसपी रह चुके हैं। जिले की भौगोलिक स्थिति व क्राइम के बारे में उन्हें जानकारी है। आईजी के पद पर ज्वाइन करने के बाद यह पहला विजिट है। सभी से मुलाकात कर परिचय लिया है। उन्होंने बताया कि बैठक में पिछले एक साल के घटे अपराधों और उन पर अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई है, उसकी समीक्षा की है। वर्ष 2024 खत्म होने जा रहा है पेंडेंसी अपराध कितने हैं और कितने का निकाल किया है। उसकी भी जानकारी ली। नए साल में पुलिस के लिए कुछ टारगेट व गोल रखे हैं, जिनमें पुलिस को जनता के लिए करना है। जनता को क्या-क्या सुविधा देना इस बात का ध्यान रखना है। सभी थाना प्रभारी को निर्देशित किया है कि कोई भी पीड़ित व्यक्ति थाने पर आता है तत्काल उसकी शिकायत सुनना चाहिए। थाने से वह जाए तो वह संतुष्ट होकर जाए। इस बात का ध्यान रखें। एक सवाल के जवाब में आईजी का कहना था कि जो भी समस्या उत्पन्न होती है। उसको अलग-अलग घटना के रूप में देखते हुए अलग-अलग तरीके से उसका समाधान निकाला जाता है। पिछले 15 दिन में दो बड़ी घटनाओं में पुलिस ने अच्छे से निराकरण किया है।


