तेलीबांधा थाने के ठीक सामने सिग्नल पर शुक्रवार को सुबह 11.30 बजे दर्दनाक हादसे में 26 साल की तान्या की मौत हो गई। तान्या 10 दिन पहले ही पीएचडी की परीक्षा देने रायपुर आई थी। अभी वो आईआईएम अहमदाबाद में मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही थी। इसके साथ ही पीएचडी की भी तैयारी कर रही थी। घर पर ठीक से पढ़ाई नहीं होने की वजह से वह शंकरनगर बीटीआई मैदान स्थित लाइब्रेरी जा रही थी। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत की खबर से घर में सन्नाटा छा गया है। मिलने-जुलने आने वाले लोग बेटी के माता-पिता को समझा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि वीआईपी रोड गोल्डन स्काई में रहने वाले एल रामकृष्णा रेड्डी दवा कारोबारी हैं। तान्या उनकी इकलौती बेटी थी। रामकृष्ण का एक बेटा डॉ. अक्षय रेड्डी ईएनटी डॉक्टर है। वो मुंबई में प्रैक्टिस कर रहे हैं। तान्या उससे छोटी है। दस दिन पहले ही वो भाई की शादी के लिए छुट्टी लेकर रायपुर आई थी। बड़े भाई की शादी के बाद वह परीक्षा की तैयार में जुट गई थी। वो रोजाना लाइब्रेरी जाती थी। शुक्रवार की सुबह भी घर से मोपेड लेकर लाइब्रेरी जाने के लिए ही निकली थी। मां सदमे में हो गई बेहोश, अस्पताल में कराया भर्ती पुलिस के अनुसार पिता एल रामकृष्णा कारोबार के सिलसिले में तीन दिन पहले इंदौर गए थे। घटना के बाद रिश्तेदारों ने उन्हें फोन कर तुरंत रायपुर आने के लिए कहा। फोन पर उन्हें बताया गया कि तान्या का एक्सीडेंट हो गया है। निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। वे बार-बार रिश्तेदारों को फोन कर तान्या से बात कराने की जिद कर रहे थे। वे तान्या को वीडियो कॉल पर देखना चाहते थे। रिश्तेदार उन्हें मौत की खबर नहीं देना चाहते थे। इधर हादसे की सूचना मिलते ही तान्या की मां काे सदमा लगा। वह घर पर ही बेहोश हो गई। समाज के लोग उन्हें नजदीक के अस्पताल ले गए। लेफ्ट साइड से ओवरटेक करते समय हुआ हादसा
घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस हादसे की समीक्षा करने मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। डीएसपी सतीश ठाकुर ने बताया कि छात्रा वीआईपी तिराहा की ओर से शहर के भीतर आ रही थी। वह सिग्नल के पास पहुंची ही थी कि लाइट ग्रीन हो गई। छात्रा के सामने ट्रक चल रहा था। छात्रा ने लेफ्ट साइड से ट्रक को ओवरटेक किया और शहर की ओर मुड़ रही थी। तभी ट्रक के नीचे आ गई। ड्राइवर ने ट्रक आगे बढ़ा दिया। उसका सिर चक्के के नीचे आ गया। ट्रक उसे रौंदते हुए निकल गया। तेलीबांधा में 90 दिन में 8 की मौत, 32 के टूटे हाथ-पैर; विरोध में प्रदर्शन रायपुर में सड़क हादसे थम नहीं रहे हैं। पिछले 16 दिनों में रायपुर और उसके आसपास 22 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें तेलीबांधा इलाके में तीन लोगो की मौत हो चुकी है। इनमें दो युवती और एक युवक शामिल हैं। पुलिस ने पिछले 90 दिनों के हादसों की समीक्षा की है। अकेले रायपुर में ही तीन माह में 495 सड़क हादसे हुए। इनमें 172 जान गई और 335 गंभीर रूप से घायल हुए। तेलीबांधा इलाके में 52 हादसों में 8 लोगों की जान गई है, 30 घायल हुए। डीएसपी ट्रैफिक गुरजीत सिंह ने बताया कि हादसे रोकने के लिए लगातार ट्रैफिक पुलिस काम कर रही है। बाइक-मोपेड चलाते समय हेलमेट लगाने की अपील की जा रही है। जहां ब्लैक स्पॉट है, उसे सुधारा जा रहा है। पुलिस सर्वे के मुताबिक सड़क हादसों में हर दिन औसतन दो लोगांे की जान जा रही है। रोजाना 5 हादसे हो रहे हैं। मरने वाले ज्यादातर दुपहिया सवार हैं। इसमें भी 95 फीसदी ने हेलमेट नहीं लगाया था। पिछले साल 2080 हादसे हुए। इनमें 596 मौत और 1500 घायल हुए।


