छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में स्थित प्रदेश का एकमात्र नारियल विकास बोर्ड किसानों के लिए आशा का केंद्र बन गया है। शनिवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कोकोनट रिसर्च सेंटर का दौरा किया। यह केंद्र 100 एकड़ क्षेत्र में फैला है। यहां नारियल के साथ कोको, कॉफी, काली मिर्च, केला, लीची और हल्दी जैसी फसलों की खेती की जाती है। बोर्ड किसानों को नई तकनीक और पौधों की उन्नत किस्में प्रदान करता है। प्रति वर्ष एक लाख पौधे निशुल्क वितरित किए जाते हैं। केंद्र में नारियल से मिठाइयां बनाई जाती हैं। नारियल के खोल से कलाकृतियां तैयार की जाती हैं। यह ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार का माध्यम बन रहा है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि यह बोर्ड कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम है। यह प्रयास स्थानीय किसानों की आय बढ़ा रहा है। साथ ही पूरे प्रदेश में कृषि नवाचार का उदाहरण पेश कर रहा है।


