पारस जलाशय की नहर में पानी नहीं, परेशानी

अमित गुप्ता | भरनो भरनो स्थित पारस जलाशय के नहर में पानी नहीं आने से किसान त्रस्त हो गए हैं। करीब 6 महीनों से नहर में सुचारू रूप से पानी नहीं आ रहा है। इस वर्ष पारस जलाशय में अच्छे पानी को देखते हुए बहुत से किसानों गरमा धान, मिर्ची, खीरा, मकई, और भी कई तरह की सब्जियां लगाई हैं, लेकिन पानी के आभाव में सब व्यर्थ है। भरनो प्रखंड स्थित हेठटोली, सतिटोली, कुम्हारों के कई किसानों ने कहां कि हमलोग धान बेचकर, लोन और दुकानदार से उधार लेकर फसल लगाई है। अभी फसल में फल फूल आने लगे हैं, लेकिन पानी के अभाव में सारी फसलें झुलस रही हैं। गर्मी ज्यादा होने के कारण हर दो दिनों में पटवन की आवश्यकता होती है। हमलोग रोज दिन रात पानी के लिए नहर के चक्कर लगाते हैं जो पानी थोड़ा मोड़ा पानी डैम से रिस कर नहर में आता है उसे रोककर या मोटर लगाकर अपने खेतों तक ले जाते हैं जो किसान पानी को रोक कर अपना सिचाई करते हैं। उनमें कुछ लोग वहां बैठकर पहरा देते हैं क्योंकि निचले क्षेत्र में रहने वाले किसान जाकर पानी को खोल देते हैं जिससे पानी आगे बह जाता है और उनके खेतों तक नहीं पहुंच पता है। कुछ लोग इधर उधर के दूर के कुएं आदि से थोड़ा सहारा ले रहे हैं। हेठटोली के किसानों से पूछने पर बताया कि पारस डेम का गेट कई महीनों से खराब है जिसे बनाया नहीं जा रहा है। नहर का पक्की करन ठीक से नहीं किया गया है जिसके कारण नहर कई जगह टूटा-फूटा है। इसके लिए कई बार किसान सड़क पर उतरे और कई पर हर बार कुछ ना कुछ आश्वासन देकर अपना कर्त्तव्य निभाया। अभी भी मुख्य नहर की शाखाओं जिसमे मारासीली, कुसुमबाहा, कुम्हारों में पक्की करण का काम चल रहा है। चुनाव के समय नेताओं ने खूब उत्साह दिखाया टूटे नहर को मिट्टी से मरम्मत किया गया परन्तु चुनाव के बाद सब खत्म सभी अपने अपने रास्ते चेले गए। जन-प्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन के लोग भी आंख मुंद बैठे हैं। इन लाचार और बेबस किसान की सुध लेने वाला कोई नहीं। इस नहर से भरनो प्रखंड के चेटोगौरटोली, मासुटोली, नवाटोली, लेकोटोली, भरनो, हेटटोली, कुम्हरो, मारा सिल्ली सतीटोली, कुसुमबाहा, दुम्बो, जुरा सहित कई गावों के किसान लाभान्वित होते हैं।

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